
वन्दना करने वाले की भाव शक्ति प्रबल होगी-साध्वी डॉ.चंदना
बेंगलुरु. वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ के तत्वावधान में गुरु दिवाकर केवल दरबार मकाना गार्डन में विराजित साध्वी डॉ. चन्दना ने कहा कि वन्दना करने वाले की भाव शक्ति प्रबल हो जाएगी। वह उच्च गोत्र का बन्धन हो जाएगा। नीच गोत्र का क्षय सौभाग्य की प्राप्ति आज्ञाफल ओर दाक्षिण्य भाव की प्राप्ति इतनी प्रबल भाव शक्ति होगी कि वह न भी बोले, उसका चेहरा बोलता है। आप देखो, कइयों के चेहरे पर ऐसा तेज होता है, कइयों की वाणी में ऐसा शौर्य होता है कि हर कोई उनके सामने कुछ बोल नहीं पाता। जिसे भी उनके सामने बोलने के लिए खड़ा कर दो, वह चुप हो जाता है। ये विशिष्टता आती है वन्दना करने से प्रार्थना करने से, भक्ति करने से, स्तुति करने से। सब कुछ तो आ गया। गुरु को वन्दना हो जाए तो सारा व्यक्तित्व परिवर्तन हो जाता है, रूपान्तरण हो जाता है, लेश्यावलय बदल जाएगा, सशक्त हो जाएगा। वन्दना करते ही भाव क्षमता प्रबल हुई, अन्दर का पौरुष जागा, वीर्य जागा, शुभ लेश्या जागी, भाव क्षमता प्रबल हो गई। ्रफिर उस भाव क्षमता को सही दिशा मिल गई, योग्यता खिल गई। सही मार्ग मिल गया और वह योग्यता दक्ष बन पाई। उसको अब कोई डर या प्रलोभन विचलित नहीं कर सकता। अर्जुन माली जैसा हत्यारा भी सेठ सुदर्शन के आभावलय में आते ही रूपान्तरित हो गया। यह है वन्दना का प्रभाव द्रव्य वन्दना का महत्व नहीं है। भाव वन्दन का महत्व है। बुधवार को जयमल संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष रेवंतमल नाहर, उपाध्यक्ष महेन्द्र मूथा, मंत्री रोशनलाल नाहर, प्रांतीय अध्यक्ष मीठालाल मकाणा, मंत्री कनकराज चोरडिय़ा, सहमंत्री मानमल बोहरा, चैनसुख बोहरा, शांतिलाल मकाणा, किरनराज बोहरा, गोतमचन्द छाजेड़, धर्मीचंद बोहरा, कांतिलाल गोटावत उपस्थित थे।
Published on:
22 Sept 2022 07:38 am

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