
सिद्धाचल की यात्रा से आत्मा पवित्र बनती है-मुनि राजपद्मसागर
बेंगलूरु. मुनि राजपद्मसागर ने कहा कि शत्रुंजय गणतीर्थ को निहारने, स्पर्शना करने से आत्मा पवित्र बनती है। उन्होंने कहा कि सिद्धाचल तीर्थ की यात्रा करने वाली पापी आत्मा भी पावन परमपद को प्राप्त करने वाली बनती है। ऐसे अनेकानेक महापुरुषाें ने कहा है कि पापी अभवी नजरें न देखें, जो अभवी होते है वह इस महान कल्याणकारी ऐसे तीर्थ के दर्शन भी नहीं कर पाते हैं। मुनि श्रमणपद्मसागर ने कहा कि हम सबको साक्षात तीर्थंकर इस काल में नहीं मिले परंतु परम पावन कल्याण करने वाला ऐसा महान तार्थधिराज शत्रुंजय गिरिराज मिला है और इस तीर्थ की महिमा स्वयं विहरमान ऐसे सीमंधरस्वामी परमात्मा अपनी देशना में कहते हैं। यहां पर सब बेलगावीवासियों को बेलगावी में शत्रुंजय की भावयात्रा अनुभूति कराई गई।
मुनिवृंद सोमवार को बेलगावी से विहार कर सुबह सात खानापुर पहुंचेंगे। सुबह आठ बजे पार्श्व भैरव महापूजन का आयोजन होगा। इस अवसर पर ट्रस्टी उत्तम भाई, पोपट भाई, भरत भाई, महेश भाई मौजूद रहे। कार्यक्रम के लाभार्थी सेवा मंडल बेलगावी रहा। भक्ति कार्यक्रम में वर्धमान कला भक्ति मंडल ने अपनी प्रस्तुति दी।
Published on:
16 Apr 2023 07:20 pm
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