9 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

पौधों का विश्वकोश के नाम से मशहूर पौधरोपणकर्ता तुलसी गौड़ा का 86 वर्ष की आयु में निधन

प्रसिद्ध पौधरोपणकर्ता और पद्म पुरस्कार विजेता तुलसी गौड़ा का सोमवार शाम उत्तर कन्नड़ जिले के अंकोला तालुक के होन्नली गांव में उनके निवास पर निधन हो गया। वह 86 वर्ष की थीं।

less than 1 minute read
Google source verification
tulsi-gowda

बेंगलूरु. प्रसिद्ध पौधरोपणकर्ता और पद्म पुरस्कार विजेता तुलसी गौड़ा का सोमवार शाम उत्तर कन्नड़ जिले के अंकोला तालुक के होन्नली गांव में उनके निवास पर निधन हो गया। वह 86 वर्ष की थीं।

तुलसी गौड़ा ने छोटी उम्र में ही वन विभाग की पौध नर्सरी में काम करना शुरू कर दिया था। बचपन में वह अक्सर नर्सरी जाती थीं और पौधे उगाने में उनकी गहरी रुचि थी। उन्हें अंकोला और उसके आसपास के इलाकों में हजारों पेड़ लगाने का श्रेय दिया जाता है, जिनमें से कई वर्षों में लंबे हो गए हैं। उन्हें पद्मश्री और इंदिरा प्रियदर्शिनी वृक्ष मित्र पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

पौधों के विश्वकोश के रूप में जानी जाने वाली तुलसी गौड़ा उत्तर कन्नड़ जिले के हलक्की समुदाय से थीं। उनके तीन बच्चे और कई शुभचिंतक हैं। कर्नाटक वन विभाग ने पौधों की देखभाल में उनकी असाधारण प्रतिभा को पहचाना, उन्हें कर्मचारी के रूप में एक विशेष दर्जा दिया और सेवानिवृत्ति के बाद भी काम करना जारी रखने की अनुमति दी थी।