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Karnataka High Court नागमंगला में अतिक्रमण: मंड्या उपायुक्त को कारण बताओ नोटिस जारी करने के आदेश

Karnataka High Court नागमंगला में सौम्यकेशव मंदिर के आसपास अनाधिकृत निर्माण Unauthorized construction around Soumyakeshava temple in Nagamangala
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Karnataka High Court नागमंगला में अतिक्रमण: मंड्या उपायुक्त को कारण बताओ नोटिस जारी करने के आदेश

सौम्यकेशव मंदिर

Karnataka High Court बेंगलूरु. कर्नाटक हाईकोर्ट (Karnataka High Court) नागमंगला (Nagamangala) में पुरातत्व स्थल के आसपास किए गए अतिक्रमण (Unauthorized construction) और अधिकारियों के उदासीन रवैये को लेकर बेहद नाराज है। अधिनियम के मुताबिक संरक्षित पुरातत्व स्मारक से 200 मीटर की दूरी पर कोई निर्माण नहीं किया जा सकता है। इसके बावजूद अतिकर्मियों ने अतिक्रमण कर रखा है। कर्नाटक हाईकोर्ट (Karnataka High Court) ने इसके लिए मंड्या के उपायुक्त को दो सप्ताह के भीतर सार्वजनिक कारण बताओ नोटिस जारी करने और सौम्यकेशव मंदिर (Soumyakeshava temple) के आसपास अनाधिकृत निर्माणों (Unauthorized construction) को कानूनी रुप से हटाने का निर्देश दिया है।

यह आदेश दो न्यायाधीश की खंडपीठ ने 18 नवंबर को नागमंगला (Nagamangala) के निवासी बीवी लोकेश और वसंत कुमार द्वारा 2015 में दायर एक जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए दिया। जनहित याचिका में कहा गया है कि अधिनियम के मुताबिक संरक्षित पुरातत्व स्मारक से 200 मीटर की दूरी पर कोई निर्माण नहीं किया जा सकता है। बता दें इस पुरातत्व स्थल के आसपास कुल 1566 निर्माण पाए गए हैं। अब अधिकारियों को सुनिश्चित करना होगा कि इनमें से कौन से निर्माण अवैध है। Unauthorized construction around Soumyakeshava temple in Nagamangala