बेंगलूरु. महावीर स्वामी वर्षीतप चेरिटेबल ट्रस्ट चामराजपेट की ओर से तीसरा सामूहिक वर्षीतप उत्सव 6 व 7 मई को आयोजित किया जाएगा। इससे पूर्व गुरुवार को 190 तपस्वियों को बियासना कराया गया।
ट्रस्टी गौतमचंद पोरवाल ने बताया कि 190 तपस्वी 400 दिन के उपवास में हैं। इन सभी का पारणा 7 मई को अक्षय तृतीया के अवसर पर होगा। पोरवाल ने बताया कि ट्रस्ट की 21 सदस्यीय टीम महोत्सव की तैयारी में लगी हुई है। उन्होंने बताया कि 6 मई को चामराजपेट स्थित महावीर स्वामी जैन श्वेताम्बर मंदिर से तपस्या का वरघोड़ा एवं दीक्षार्थी वरघोड़ा निकाला जाएगा।
सुबह 10 बजे भरत चक्रवर्ती भोजन मंडप का उद्घाटन मराठा हॉस्टल में होगा।
शाम को 7 बजे भजन संध्या का आयोजन भी होगा। 7 मई को मराठा हॉस्टल में बनाई गई हस्तिनापुर नगरी का उद्घाटन होगा। यहां आचार्य भगवन तपस्वियों को संबोधित करेंगे एवं सुबह 9.10 बजे पर तपस्वियों का पारणा होगा। पोरवाल ने बताया कि महावीर स्वामी वर्षीतप चैरिटेबल ट्रस्ट में पारसमल दांतेवाडिय़ा, भैरूमल भंडारी, महावीर श्रीश्रीमाल, प्रवीण पोरवाल, संतोष चौहान, गजेंद्र चांदावत, नरेश बाठिया, मोहन जीरा वाला, महावीर मेहता, सुरेंद्र राका, भंवरलाल भंसाली, गौतम मूथा, बाबूलाल बाफना, सुरेश पीरगल, शांतिलाल चोपड़ा, केसरीमल पोरवाल, सुनील मोदी, प्रवेश बालर, किशोर पोरवाल एवं मुकेश मेहता सेवाएं दे रहे हैं।
९५ साल की उम्र में भी पारणा
९५ वर्षीय पौनी बाई भी लगातार २५ वर्ष से पारणा कर रही हैं। उनके साथ उनकी वधु व दोहिती जो स्वयं ५० वर्ष की हैं वे भी पारणा कर रही हैं। पौनी बाई की मानें तो वे पारणा कर स्वयं को स्वस्थ महसूस करती हैं। गुरुवार को आयोजित बियासना में १५० महिलाओं व ४० पुरुषों ने व्रत खोला।