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गांवों में लगवाए मतदान जागरूकता बोर्ड

गांवों में मतदान के प्रति जागरूक करने के लिए चुनाव आयोग ने जिले की ग्राम पंचायत भवन के सामने मतदान जागरूकता बोर्ड लगवाए हैं।

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गांवों में लगवाए मतदान जागरूकता बोर्ड

गांवों में लगवाए मतदान जागरूकता बोर्ड

मंड्या. गांवों में मतदान के प्रति जागरूक करने के लिए चुनाव आयोग ने जिले की ग्राम पंचायत भवन के सामने मतदान जागरूकता बोर्ड लगवाए हैं। जिला चुनाव अधिकारी उमेश ने बताया कि ग्राम पंचायत भवन के बाहर सरकारी योजनाओं को प्रदर्शन करने वाले बोर्ड को आचार संहिता के कारण हटा दिया गया है और उनकी जगह पर मतदान जागरूकता होर्डिंग्स, बोर्ड लगए जा रहे हैं।

जिले के केआरपेट, मलवल्ली, मद्द्र, पांडवपुरा, श्रीरंगपट्टणम और नागमंगला तहसील के प्रमुख गांवों में ग्राम पंचायत भवन के बाहर मतदान जागरूकता बोर्ड लगाने काम चल रहा है। इसके अलावा लोगों को मतदान के प्रति जागरूकता करने के लिए जिला के गांवों के चौराहा पर नाटक मंचन, स्कूल में मतदान जागरूकता कार्यक्रम हो रहे हैं। केआरपेट तहसील में सरकारी स्कूल व तालुक पंचायत व चुनाव आयोग द्वारा एमके भोमेगौड़ा सर्कल पर विद्यार्थियों ने गुरुवार को मानव शृंखला बनाकर जागरूक किया और रैली निकाली।

तहसीलदार शिव मूर्ति, तालुक पंचायत सीइओ चंद्रमौलि, एम रेवाण्णा, लिंगप्पा ने भाग लिया। स्वास्थ व परिवार कल्याण विभाग जिला अस्पताल में जागरूकता अभियान चलाया गया। इसमें डॉ. मंजेगौड़ा, डॉ. शशिधर, डॉ. भवानी शंकर आदि मौजूद थे।

हिंदी माध्यम में उपलब्ध करवाएं सूचनाएं
बेंगलूरु. कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के क्षेत्रीय कार्यालय शिवमोग्गा में राजभाषा कार्यान्वयन समिति की 44वीं बैठक व हिंदी कार्यशाला क्षेत्रीय आयुक्त वी हुसेनप्पा की अध्यक्षता में हुई। हुसेनप्पा ने कहा कि देश की अन्य भाषाओं के बदले हिंदी को राजभाषा बनाए जाने का मुख्य कारण यह है कि यह भारत में सर्वाधिक बोली जाने वाली भाषा के साथ-साथ देश की एकमात्र संपर्क भाषा भी है। हिंदी, राष्ट्र के बहुसंख्यक लोगों द्वारा बोली और समझी जाती है, इसकी लिपि देवनागरी है, जो अत्यंत सरल है।

अत:हमें कार्यालय के कार्यों में अधिक से अधिक हिंदी का प्रयोग करना चाहिए व संगठन के सदस्यों को हिंदी माध्यम से सूचना उपलब्ध करानी चाहिए। हमें यह भी समझना होगा कि आजकल पूरे भारत में हिंदी और अंग्रेजी के मिश्रित रूप हिंगलिश का प्रयोगबढ़ा है, जिसके द्वारा हिंदी को समझना और समझाना आसान हो गया है। उन्होंने पिछली बैठक में किए निर्णयों के अनुरुप हिंदी प्रचार प्रसार के लिए किए जा रहे कार्यो की सराहना की। प्रवर्तन अधिकारी महेश जिंदे व लेखाधिकारी मो. अर्सलन कित्तूर सहित सभी सदस्य मौजूद थे। संचालन हिंदी अनुवादक महेश चंद बंसल ने किया। सुनील पी. ने धन्यवाद दिया।


हिंदी कार्यशाला के दौरान क्षेत्रीय आयुक्त वी. हुसेनप्पा, लेखा अधिकारी मो. अर्सलन कित्तूर व हिंदी अनुवादक महेश चंद बंसल ने कार्यालय के आठ कार्मिकों को कार्यालीन शब्दावली, हिंदी टिप्पण, आलेखन, वर्तमान में सरकारी नियमों की उपयोगिता व हिंदी में कार्य करने में ई-टूल्स के प्रयोग के बारे में समझाया।