
इस बार आम की फसल को गंभीर झटका लगा है। किसानों को भारी नुकसान हुआ है और बाजार में आम Mango के दाम बढऩे तय माने जा रहे हैं। सूखा, असामयिक ठंड और हालिया ओलावृष्टि के कारण राज्य में इस वर्ष आम उत्पादन में 50 से 60 प्रतिशत तक कमी आने की संभावना है।
राज्य आम विकास एवं विपणन निगम के अनुसार, मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के चलते फल बनने की प्रक्रिया प्रभावित हुई है, जिससे उत्पादन में भारी कमी आई है। प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक, राज्य में इस वर्ष 14 से 16 लाख मीट्रिक टन आम उत्पादन की उम्मीद थी, जो अब घटकर 6 से 7 लाख मीट्रिक टन रह सकता है।
सीजन की शुरुआत में किसानों को बेहतर उत्पादन की उम्मीद थी। दिसंबर के अंत में रामनगर और धारवाड़ जिलों में समय पर फूल आने के बाद अच्छी पैदावार के संकेत मिले थे। जनवरी और फरवरी के दौरान कोलार और चिक्कबल्लापुर सहित अन्य क्षेत्रों में बागानों की स्थिति भी संतोषजनक रही थी।
हालांकि, इसके बाद मौसम में बदलाव आया। लगातार सूखा, तापमान में गिरावट और ओलावृष्टि के कारण फलों का विकास प्रभावित हुआ। कई क्षेत्रों में ओलावृष्टि से फसल को व्यापक नुकसान हुआ है।
निगम के अनुसार, जनवरी और फरवरी में तापमान सामान्य से नीचे चला गया, जिससे नर फूलों की संख्या बढ़ी और फल बनने के लिए आवश्यक उभयलिंगी फूलों की संख्या कम हो गई। इसके कारण फल सेटिंग में लगभग 20 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।
विभिन्न किस्मों में ‘बादामी’ आम सबसे अधिक प्रभावित हुआ है, जिसमें फल सेटिंग 10 से 15 प्रतिशत तक सीमित रही। मल्लिका में 50 से 60 प्रतिशत, जबकि तोतापुरी, नीलम और केसर किस्मों में 60 से 70 प्रतिशत तक फल सेटिंग दर्ज की गई है।
अधिकारियों के अनुसार राज्य Karnataka में लगभग 1.48 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में आम की खेती होती है। प्रमुख उत्पादक जिलों में कोलार, रामनगर, तुमकुरु, बेलगावी, चिक्कबल्लापुर, हावेरी, मण्ड्या, उत्तर कन्नड़, धारवाड़, बेंगलूरु ग्रामीण, मैसूरु, शिवमोग्गा और चिक्कमगलूरु शामिल हैं। उत्पादन में कमी के चलते बाजार में आम की आपूर्ति घटने और कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना है।
Updated on:
06 Apr 2026 06:00 pm
Published on:
06 Apr 2026 06:00 pm
