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पेट्रोल-डीजल की मूल्य वृद्धि पर अब खामोश क्यों हैं भाजपा नेता: विश्वनाथ

मोदी के नेतृत्ववाली केंद्र सरकार केवल जुमलों का महल बनाने में माहिर है

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petrol and diesel

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बेंगलूरु. पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में वृद्धि के खिलाफ १० सितम्बर को भारत बंद को जनता दल-ध ने भी समर्थन दिया है। इसकी जानकारी देते हुए प्रदेश अध्यक्ष एच विश्वनाथ ने कहा कि चार साल पहले तक पहले पेट्रोल-डीजल की मूल्य वृद्धि पर हाय-तौबा मचाने वाले कर्नाटक के भाजपा नेताओं को भी इस बंद का समर्थन करना चाहिए।
शनिवार को कहा कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार के कार्यकाल में पेट्रोलियम उत्पादों के मूल्यों को लेकर पर बीएस येड्डियूरप्पा, सदानंद गौड़ा, शोभा करंदलाजे जैसे नेता बैलगाड़ी पर सवार होकर विरोध करते थे, लेकिन आज इन नेताओं ने चुप्पी साध रखी है।
देवेगौड़ा करेंगे प्रदर्शन का नेतृत्व
उन्होंने कहा कि सोमवार को शहर में टाउन हॉल के सामने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एच.डी. देवेगौैड़ा तथा राष्ट्रीय प्रधान महासचिव कुंवर दानिश अली के नेतृत्व में केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया जाएगा। इसमें पार्टी के विधायक तथा पार्षद भाग लेंगे। मैसूर शहर में प्रदर्शन का नेतृत्व मैं खुद करूंगा। इसके अलावा राज्य के सभी जिला तथा तहसील मुख्यालयों में पार्टी की स्थानीय इकाइयां प्रदर्शन करेंगी। बंद के दौरान दूध, सब्जियां तथा दवाओं की आपूर्ति को नहीं रोका जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्ववाली केंद्र सरकार केवल जुमलों का महल बनाने में माहिर है। इस असंवेदनशील सरकार ने अभी तक समाज के गरीब तथा कमजोर वर्ग के विकास में के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। विश्वनाथ ने कहा कि अमरीकी डालर के मुकाबले में रुपए का अवमूल्यन होने के कारण महंगाई आसमान को छू रही है। देश की वित्तीय व्यवस्था चरमरा रही है। लघु उद्यम बंद होने के कारण बेरोजगारी बढ़ रही है। बड़े कारोबारी बैंकों से हजारों करोड़ रुपए का ऋण लेकर विदेश भाग गए हैं। पूर्व सरकार के कार्यकाल में 50 हजार करोड़ का बैंकों का एनपीए आज 2 लाख करोड़ रुपए से पार हो गया है। लेकिन भाजपा के नेताओं को इसकी चिंता नहीं है।