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women’s reservation bill राज्यसभा में महिला आरक्षण बिल पास, लेकिन नहीं मिलेगा अभी लाभ, जाने क्यो ?

women's reservation bill महिला आरक्षण बिल लोगों का ध्यान भटकाने के लिए लाया गया है: राहुल गांधी Women's Reservation Bill brought to divert attention

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women’s reservation bill बेंगलूरु: 27 साल के लंबे इंतजार के बाद महिलाओं के लिए लाेकसभा और राज्य विधानसभाओं में आरक्षण की राह खुली है। हाल ही में लोकसभा से पारित हुआ महिला आरक्षण बिल (women’s reservation bill) गुरुवार को राज्यसभा से भी पार‍ित हो गया। इस संविधान संशोधन बिल पर गुरुवार को उच्‍च सदन में चर्चा हुई। केन्द्र सरकार ने लोकसभा में बिल (women’s reservation bill) पर चर्चा के दौरान कहा कि लोकसभा चुनाव के फौरन बाद जनगणना और परिसीमन (सीमा निर्धारण) की कार्यवाही की जाएगी। लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं का एक तिहाई आरक्षण से संबंधित कानून जल्द आकार लेगा।
इससे पहले लोकसभा में विपक्षी नेताओं ने आग्रह किया कि महिला आरक्षण बिल (women’s reservation bill) के कानून बनने के साथ इसे जल्द लागू किया जाए, क्योंकि इसमें देरी भारत की महिलाओं के साथ घोर नाइंसाफी होगी। विपक्षी सांसदों ने कहा, जाति जनगणना करा कर इसमें SC, ST, OBC की महिलाओं के लिए आरक्षण की व्यवस्था की जाए।
इन मुद्दों पर शुक्रवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि महिला आरक्षण बिल (women’s reservation bill) में दो चीज़ें संबंधित पाई गई। जिनमें एक महिला आरक्षण बिल (women’s reservation bill) को लागू करने से पहले जनगणना होगी और दूसरा परिसीमन करना होगा और इन दोनों को करने में कई साल लगेंगे। महिला आरक्षण आज लागू किया जा सकता है लेकिन सरकार यह करना नहीं चाहती है। राहुल गांधी ने कहा कि आज से दस साल बाद यह महिला आरक्षण लागू होगा, ये भी नहीं मालुम की यह लागू होगा भी या नहीं होगा। उन्होंने कहा कि यह महिला आरक्षण बिल (women’s reservation bill) एक प्रकार से ध्यान भटकाने के लिए लाया गया है। इसके अलावा भी उन्होंने अन्य मुद्दों पर चर्चा की।
वहीं केन्द्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने भी महिला आरक्षण बिल (women’s reservation bill) पर अपनी प्रतिक्रिया दी। प्रह्लाद जोशी ने कहा पीएम मोदी की राजनीतिक इच्छाशक्ति के कारण आज महिला आरक्षण बिल (women’s reservation bill) धरातल पर आ सका है। मुझे लगता है कि यह एक महिला आरक्षण बिल (women’s reservation bill) रिकॉर्ड बनाने जा रहा है, क्योंकि कई विकसित देशों में महिलाओं के लिए प्राथमिकता अभी मौजूद नहीं है, लेकिन पीएम मोदी ने यह कर दिखाया है। यह महिला आरक्षण बिल (women’s reservation bill) स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा। Women’s Reservation Bill brought to divert attention