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स्वर्ण सिंहासन पर बैठे यदुवीर, जीवंत हुआ ४०० वर्षों का इतिहास

अम्बा विलास महल में पूर्व मैसूरु शाही परिवार के प्रमुख यदुवीर कृष्णदत्ता चामराजा वाडियार ने अपना खास दरबार लगाया।

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स्वर्ण सिंहासन पर बैठे यदुवीर, जीवंत हुआ ४०० वर्षों का इतिहास

स्वर्ण सिंहासन पर बैठे यदुवीर, जीवंत हुआ ४०० वर्षों का इतिहास

मैसूरु. मैसूरु दशहरा महोत्सव के उद्घाटन दिवस पर अम्बा विलास महल में पूर्व मैसूरु शाही परिवार के प्रमुख यदुवीर कृष्णदत्ता चामराजा वाडियार ने अपना खास दरबार लगाया। पुजारियों के मंत्रोच्चार एवं विभिन्न नदियों एवं मंदिरों से लाए गए पवित्र जल के छिड़काव के बाद स्वर्ण सिंहासन पर आसीन यदुवीर ने खास दरबार में ४०० वर्षों के इतिहास को जीवंत किया।

यदुवीर की पत्नी त्रिशिका वाडियार ने पाद पूजा एवं आरती जैसी रस्में निभाई और बाद में यदुवीर ने सिंहासन पर खड़े होकर दरबार की सलामी ली। इसके पूर्व दरबारियों ने उनका शाही अंदाज में स्वागत किया और पुजारियों ने प्रसाद प्रदान किया। इस दौरान प्रमोदा देवी वाडियार भी उपस्थित रहीं। वे नवमी के दिन तक प्रतिदिन निजी दरबार लगाएंगे जो राज परंपरा का सांकेतिक स्वरूप होता है।

वहीं विजयदशमी के दिन रजत रथ में सवार होकर यदुवीर महल परिसर में विजय यात्रा निकालेंगे। राज परिवार के इस विशेष आयोजन के दौरान आम लोगों को भी शाही परंपराओं को नजदीक से देखने का अवसर मिलता है।

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