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बांसवाड़ा में दो तालाबों पर तीन साल में 53 लाख खर्च, फिर भी पसरी है जलकुंभी

बांसवाड़ा जिला मुख्यालय के जल स्रोतों में छाई जलकुंभी नगर परिषद के खजाने को जोंक की तरह चूस रही है। हर साल लाखों खर्च के बाद भी स्थिति जस की तस है। बीते तीन साल में ही करीब 53 लाख रुपए खर्च किए जा चुके हैं, लेकिन स्थिति सुधरने के बजाय बद से बदतर होती जा रही है।

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बांसवाड़ा में दो तालाबों पर तीन साल में 53 लाख खर्च, फिर भी पसरी है जलकुंभी

बांसवाड़ा में दो तालाबों पर तीन साल में 53 लाख खर्च, फिर भी पसरी है जलकुंभी

बांसवाड़ा. जिला मुख्यालय के जल स्रोतों में छाई जलकुंभी नगर परिषद के खजाने को जोंक की तरह चूस रही है। हर साल लाखों खर्च के बाद भी स्थिति जस की तस है। बीते तीन साल में ही करीब 53 लाख रुपए खर्च किए जा चुके हैं, लेकिन स्थिति सुधरने के बजाय बद से बदतर होती जा रही है।जलकुंभी जल सोंखने के साथ नगर परिषद के राजस्व को भी नुकसान पहंचा रही है। इससे परिषद को हर साल लाखों का फटका लगा रहा है। परिषद के अधीन तीन बड़े तालाब डायलाब, राजतालाब और नाथेलाव हैं। इसमें नाथेलाव को एक मिल ने गोद लिया है। शेष दो तालाबों के रखरखाव व जलकुंभी का खर्च ही उबरने नहीं दे रहा। डायलाब पर हुई थी सफाई जिला मुख्यालय पर जयपुर रोड स्थित डायलाब को जलकुंभी से मुक्ति दिलाने के लिए गणेश विसर्जन यात्रा से पहले तीन ट्रेक्टर, दो जेसीबी, तीन नाविक और 37 श्रमिक लगा हटवाई गई थी, लेकिन कुछ ही दिनों बाद यह फिर से छा गई। डायलाब से जलकुंभी हटाने के लिए ठेका देकर सात अगस्त को टेंडर हुए और 14 अगस्त को वर्क आर्डर तथा 15 से यहां जलकुंभी हटाने का कार्य ठेकेदार की ओर से किया गया था। तीन साल की स्थिति वर्ष राशि तालाब2019 9.60 लाख डायलाब2018 3 लाख डायलाब व राजतालाब2017 40 लाख डायलाब व राजतालाबदो साल से टेंडर नगर परिषद ने दो वर्ष से जलकुंभी हटाने की प्रक्रिया में टेंडर दिए जाने लगे हैं। इससे पहले उसने स्वयं के स्तर पर ही जलकुंभी हटाने में खर्च की। बीते तीन साल में ही नगर परिषद को 53 लाख खर्च करने पड़े हंै। वर्ष 2018 में टेंडर न देकर परिषद ने अपने स्तर पर ही करीब तीन लाख खर्च कर जलकुंभी हटवाई। समाधान ही नहीं नगर परिषद के आयुक्त प्रभुलाल भापोर का कहना है कि शहर के तालाबों से जलकुंभी हटाने के लिए ठेका देते रहे हैं। परिषद ने अपने स्तर पर भी जलकुंभी हटाई है, लेकिन हटाने के बाद यह फिर से छा जाती है। किसी के पास कोई स्थायी समाधान हो तो बताए।

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