
बांसवाड़ा : कला प्रदर्शनी ‘गौरव स्मृति’ में जीवन के विविध पहलुओं का प्रभावी चित्रण
सूचना केन्द्र सभागार में लगाई कला प्रदर्शनी
बांसवाड़ा. जिले में कला व साहित्य क्षेत्र की प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने की दृष्टि से जनसंपर्क विभाग तथा प्रभाशंकर पण्ड्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय के तत्वावधान में सूचना केन्द्र सभागार में लगाई कला प्रदर्शनी ‘गौरव स्मृति’ में कलारसिकों व विद्यार्थियों की आवाजाही गुरुवार को भी बनी रही। महाविद्यालय निदेशक विशेष पण्ड्या ने बताया कला विद्यार्थियों द्वारा लगाई चित्रकला प्रदर्शनी में 30 पेंटिग्स, 50 छायाचित्रण व 3 मूर्ति शिल्प को प्रदर्शित किया है। कलाकारों ने जीवन के विविध पहलुओं को केनवास पर उकेरा। अलग-अलग विधाओं से बनाई गई कलाकृतियां दर्शकों को आकर्षित कर रही है।
काष्ठ शिल्पकार है कालिया
कला विभागाध्यक्ष डॉ. रितेश जोशी ने बताया कि प्रदर्शनी में युवा कलाकार कालिया पाटीदार ने अपने कलाकौशल से काष्ठ कला में सामाजिक परिवेश को बखूबी उत्कीर्ण किया है। उनके मूर्ति शिल्प ‘नारी व समाज’ में उन्होंने मछली के माध्यम से नारी पर होने वाले सामाजिक व असामाजिक कटाक्षों को उकेरा है।
माही ने चित्रों में उकेरी जीवदया
चित्रकार माही ने ‘मी एण्ड माय पेट’ शीर्षक की कलाकृति के माध्यम से जीवों के प्रति प्रेम व दया को दर्शाया। उन्होंने यह पैगाम दिया है कि वर्तमान में जीवों के प्रति जो उपेक्षा दिखाई देती है, उसे परिवर्तित कर हमें जीवों के प्रति दया भाव रखना चाहिए। साथ ही जब भी मौका मिले जीवों के लिए कुछ करना चाहिए।
नारी मन की चितेरी तारा
इसी कला प्रदर्शनी में चित्रकला विभाग के प्राध्यापक सुमित त्रिवेदी ने प्रदर्शनी में कला विद्यार्थी तारा बुनकर ने अपनी पेन्टिंग ‘समर्पण’ में नारी के वास्तविक जीवन को चित्रित किया है। तारा ने पेंटिंग में बताया कि अपनी आशा व सपनों को पृष्ठभूमि में रखकर किस तरह परिवार व समाज को बनाने के लिए अपना समर्पण करती है। लेकिन किसी भी तरह की कोई मांग नहीं करती है।
Published on:
04 May 2018 03:36 pm
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