12 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बांसवाड़ा का कागदी पिकअप वियर बना सिर्फ नाम का पर्यटन स्थल, नए राज्यमंत्री से सौन्दर्यीकरण की उम्मीदें

www.patrika.com/banswara-news

2 min read
Google source verification
banswara

बांसवाड़ा का कागदी पिकअप वियर बना सिर्फ नाम का पर्यटन स्थल, नए राज्यमंत्री से सौन्दर्यीकरण की उम्मीदें

बांसवाड़ा. कागदी पिक अप वियर। बांसवाड़ा का पर्यटन स्थल। पार्क, हरियाल, पानी का किनारा, झूले सब कुछ है फिर भी कुछ नहीं होने का अहसास। कागदी पिक अप वियर में प्रवेश करने पर सुखद अनुभव होता है। यहां निर्मित गेस्ट हाउस व उसके ईदगिर्द तो व्यवस्थाएं ठीक-ठाक हैं। वह शायद इसलिए कि विभागीय अधिकारी यहीं तक पहुंचते हैं, लेकिन, गेस्ट हाउस से चंद कदम आगे बढ़ाने के साथ ही जो तस्वीर सामने आती है वह बहुत खराब है। कागदी में प्रचुर पानी होने के बावजूद यहां के पार्क बदहाल पड़े हैं। घास बेतरतीब फैलने से यहां के उद्यान तो चरगाह के रूप में दिखाई पड़ रहे हैं वहीं यहां लगे फव्वारे अंतिम बार कब चले थे शायद जिम्मेदारों को भी ठीक से याद नहीं होगा।

उड़ती धूल और बिखरी गिट्टियों की चुभन
यहां पार्क के आस-पास लगे विद्युत पोल में बिजली के तार खुले पड़े हैं। इससे राहगीर व बच्चों को खतरा बना हुआ है तो वहीं लाइटिंग नहीं होने शाम होने के साथ ही यहां ठहरना मुश्किल है। कागदी पिकअप पर कुछ दिनों पहले इन्टरलॉकिंग सडक़ निर्माण शुरू किया गया था। कुछ दिन चलने के बाद कार्य बंद है। राह में बिखरी गिट्टी और निर्माण सामग्री के ढेर दुविधा पैदा कर रहे हैं। यहां भ्रमण पर आने वालों के मुताबिक कार्य करीब एक पखवाड़े से बंद पड़ा है। उनका कहना था कि शहर का यह स्थान काफी रमणीक है। यहां सैकड़ों की संख्या में महिला-पुरुष सुबह के समय के अलावा दिनभर भ्रमण पर आने वालों का तांता लगा रहता है, पर उन्हें सुविधाएं नही मिल रही है।

ली जानी चाहिए सुध
नगर के सुनील दोसी के अनुसार कागदी पिकअप की प्रशासन को सुध लेनी चाहिए। यहां चहुंओर हिलोरे लेता जल एवं हरियाली से आच्छादित टीले काफी मनोहारी लगते हैं। इन सब सुविधाओं का संरक्षण के साथ व्यवस्थाओं में इजाफा होना चाहिए।

अपने आपको लगती है सजा
शहर के राजीव भट्ट का कहना है कि कागदी पिकअप जैसा सुंदर स्थान राजस्थान में शायद ही अन्यत्र होगा। लेकिन इसकी जो दुर्दशा हो रही है, उससे लगता है कि यहां पर आना अपने आप में सजा है। लोग चाहते हैं कि जो भी संबंधित हैं वे स्वयं यहां आकर देखें। जो कार्य शुरू हुआ, वह भी बंद है। ट्रेक बन रहा है, उसमें भी गुणवत्ता नहीं है।

पत्रिका व्यू...
कागदी पिक अप वियर की ऐसी दशा चिंताजनक है। शहर के कई भाग में जहां बच्चों के खेलने के लिए मैदान व पार्क नहीं हैं और जहां हैं तो वहां देखरेख करने वाले बेफ्रिक हैं। जबकि, प्रदेश के अन्य शहरों में पानी के आस-पास के नजारे दर्शनीय हंै। उदयपुर का फतहसागर इसका अच्छा उदाहरण है। अब, प्रदेश में नई सरकार निर्वाचित हो चुकी है और बांसवाड़ा विधायक भी शहर के सौन्दर्यीकरण की मंशा जता चुके हैं। ऐसे में अब आवश्यकता योजना बनाने व क्रियान्वयन की है।