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बांसवाड़ा: बस ड्राइवर को सीने में उठा दर्द, 20 मिनट में अस्पताल पहुंचाया, बची जान

राजस्थान रोडवेज की बांसवाड़ा-रतलाम बस सोमवार सुबह एक बड़े हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बच गई। स्टेशन से निकलते ही बस चालक नवाब खां को सीने में दर्द उठा तो बस में अफरा-तफरी मच गई।

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चालक को दिल का दौरा पड़ने के बाद रुकी बस और बाहर उतरी सवारियां। फोटो पत्रिका

बांसवाड़ा। राजस्थान रोडवेज की बांसवाड़ा-रतलाम बस सोमवार सुबह एक बड़े हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बच गई। स्टेशन से निकलते ही बस चालक नवाब खां को सीने में दर्द उठा तो बस में अफरा-तफरी मच गई, लेकिन कंडक्टर की तत्परता और सूझबूझ से न केवल चालक की जान बची, बल्कि बस में सवार 50 यात्रियों की भी जान में जान आई।

बस सुबह 8.30 बजे बांसवाड़ा से रतलाम के लिए रवाना हुई थी। महज 15 मिनट बाद 8.45 बजे बस दीप वाटिका के पास पहुंची कि चालक को सीने में तेज दर्द हुआ। केबिन में पास ही बैठे कंडक्टर बिल्लूराम मीणा ने स्थिति भांप ली। चालक ने तत्काल ब्रेक लगा बस रोक दी। असहज देख कंडक्टर ने चालक को स्टीयरिंग से अपनी ओर खींचकर सम्भाल लिया।

ऑटो से पहुंचाया अस्पताल, 1.5 किमी का फासला

संयोग से सामने से जा रही एम्बुलेंस से मदद मांगी, लेकिन एम्बुलेंस चालक ने किसी अन्य मरीज को लेने जाने की बात कह अस्पताल ले जाने से मना कर दिया। कंडक्टर ने तत्काल एक ऑटो रुकवाया और उसमें चालक को जिला अस्पताल ले गया।

महज 1.5 किलोमीटर की दूरी तय कर 9:05 बजे चालक को जिला अस्पताल पहुंचा दिया। राजकीय महात्मा गांधी जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद परिजन चालक को निजी अस्पताल ले गए, जहां उपचार जारी है। चालक की तबीयत ठीक और स्थिर है।

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