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बांसवाड़ा

गर्भस्थ शिशु की मौत, सरकारी अस्पताल में परिजनों का हंगामा, पुलिस ने संभाला मोर्चा

इलाज में कथित लापरवाही से प्रसव से पहले गर्भस्थ शिशु की मौत का मामला , मृतक के दादा की रिपोर्ट पर मर्ग दर्ज कर कराया पोस्टमार्टम, जांच शुरू  

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बांसवाड़ा. महात्मा गांधी राजकीय चिकित्सालय में रविवार को प्रसव के पहले गर्भस्थ शिशु की मौत के बाद ऑपरेशन कर शव निकालकर परिजनों को सौंपने पर बवाल मच गया। परिजनों ने गायनिकोलॉजिस्ट पर इलाज में लापरवाही करने का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। सूचना पर कोतवाली पुलिस पहुंची और जानकारी लेकर समझाइश की। बाद में दिवंगत नवजात के दादा ने कोतवाली पुलिस को रिपोर्ट दी। इस पर मर्ग दर्ज कर पुलिस ने पोस्टमार्टम करवा शव परिजनों को सौंपा। अस्पताल प्रशासन भी विभागीय जांच के लिए कमेटी गठित करेगा।

यह बताया घटनाक्रम

मूलत: बिहार और लंबे समय से श्यामनगर में निवासरत 20 वर्षीया नेहा पत्नी रंजनसिंह चंदेल को 24 मार्च को प्रसव पीड़ा पर परिजनों ने एमसीएच विंग में भर्ती कराया। नेहा के ससुर मयूर मिल में सेवारत दिनेशसिंह ने बताया कि बेटे की शादी को सालभर ही हुआ था। बहू की पहली डिलेवरी के मद्देनजर बीते नौ माह से गायनिकोलॉजिस्ट डॉ. अमित वगेरिया से जांच करवाते हुए उनके मार्गदर्शन में देखभाल कर रहे थे। शुक्रवार को भर्ती करने के बाद डॉ. वगेरिया ने सामान्य प्रसव होने और इसमें समय लगने की बात कही। शनिवार सुबह डॉ. वगेरिया ने सलाह – मशवरे के बाद ऑपरेशन करने को कहा। दस्तावेजी औपचारिकता के बाद नेहा को ऑपरेशन थियेटर में ले गए, किंतु कुछ देर बाद उसे वापस निकाल दिया गया। इसके बाद दिनभर प्रसव पीड़ा सहती रही। रविवार सुबह करीब दस बजे जांच के बाद डॉक्टर ने कहा कि गर्भ में बच्चे की धडकऩ बंद हो गई है। प्रसूता को यह बात नहीं बताने को कहकर ऑपरेशन कर मृत नवजात दे दिया।

पांच बार करवाई सोनोग्राफी
प्रसूता नेहा के पति रंजनसिंह ने बताया बीते नौ महीने में डॉ. वगेरिया ने पांच बार सोनोग्राफी करवाई। डिलेवरी डेट तक सब ठीक बताया। फिर भी दिक्कत हुई तो पिता ने स्पष्ट कह दिया कि ऑपरेशन कर दिया जाए। बावजूद डॉक्टरों ने देरी और लापरवाही की, जिससे बच्चा गर्भ में मर गया।

शव दफन करने तक बेखबर रही मां
नवजात की मौत पर परिजनों ने एमसीएच विंग के गेट पर बवाल किया। शोरशराबे पर कोतवाली से एसआई रमेशचंद्र मय जाब्ता पहुंचे तो उनके समक्ष भी परिजनों ने पीड़ा बताई। पुलिसकर्मियों ने रिपोर्ट देने को कहा। बाद में दिनेशसिंह ने मौत के कारणों पर संदेह जताकर पुलिस को रिपोर्ट दी। इस पर मर्ग दर्ज कर नवजात का पोस्टमार्टम कराकर शाम करीब पांच बजे शव सौंपा। वहीं, प्रसूता को बच्चे की मौत और दफनाने तक की जानकारी नहीं दी।

कमेटी बनाकर कराएंगे जांच
प्रसव के दौरान नवजात की मौत की घटना दुर्भाग्यपूर्ण रही। लापरवाही का आरोप लगाते हुए परिजनों की रिपोर्ट पर पुलिस अनुसंधान से स्थिति स्पष्ट होगी। विभागीय स्तर पर भी कमेटी गठित कर जांच कराई जाएगी। डॉ. खुशपालसिंह राठौड़, पीएमओ एमजी अस्पताल

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