
बांसवाड़ा :मामा बालेश्वर राजकीय महाविद्यालय कुशलगढ़ में प्राचार्य आयाराम-गयाराम, तो विकास को विराम
बांसवाड़ा. मामा बालेश्वर राजकीय महाविद्यालय, कुशलगढ़ में व्याख्याताओं का तो टोटा है ही प्राचार्य भी आयाराम गयाराम वाली स्थिति में ही रहे हैं और इससे कॉलेज विकास व भौतिक सुविधाओं के मामले में भी पिछड़ रहा है। प्राचार्य पर कॉलेज के विकास का जिम्मा रहता है पर यहां नियुक्त किए गए प्राचार्य में से कोई 4 माह रुका तो कोई छ:माह। इनमें प्राचार्य कौशल्य बाबेल तो महज सात दिन ही इस पद पर रहीं। इसके चलते कॉलेज के विकास कार्य ठप रहे। प्राचार्य आते -जाते रहे तो अधिकांश समय व्यवस्था कार्यवाहक के जिम्मे रही। इससे विकास कार्य की न तो कोई विशेष योजना बन सकी और न ही क्रियान्वयन हो सका। 2009 के बाद अधिकांश समय कार्यवाहक प्राचार्य का जिम्मा डॉ लक्ष्मण परमार के पास आता जाता रहा है। उन्होंने कुशलगढ़ कॉलेज के लिए प्रयास किए और कुछ हद तक सफल भी हुए। पर, कोई विकास कार्य संबंधित कोई भी लम्बी योजना नहीं बन सकी।
नहीं मिला फायदा
उच्च शिक्षा के लिए कुशलगढ़ से 50 किलोमीटर दूर बांसवाड़ा तक विद्यार्थियों की भाग-दौड़ न हो इसके लिए यहां कॉलेज प्रारंभ किया गया था। पर, सुविधाएं नहीं होना तथा अध्यापन व्यवस्था भी बेपटरी पर रहने के कारण कॉलेज का विद्यार्थियों को कोई फायदा नहीं मिला।
ये प्राचार्य यों आए यों गए
क्र.सं. नाम प्राचार्य कब से कब तक
01 डॉ. श्रीमती कौशल्या बाबेल 23.3.2001 31.3.2001
02 प्रो. पृ़थ्वी सिंह दांतला 6.3.2010 30.9.2010
03 डॉ. एम.आर. बारूपाल 1.12.2010 29.6.2011
04 डॉ. राजेश जोशी (कामवाहक) 29.6.2011 7.7.2012
05 प्रो.आर.सी.बालेश्वर 9.7.2012 7.8.2013
06 डॉ. विजय लक्ष्मी सुराणा 22.8.2013 31.8.2013
07 डॉ. लक्ष्मणलाल परमार/ 1.9.2013 27.4.2017
08 डॉ. यदुगोपाल शर्मा 28.4.17 07.07.2018
Published on:
22 Jan 2019 02:10 pm
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