
सागवाड़ा. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मार्गदर्शन में रक्षक दल सागवाड़ा की युवा गोष्ठी श्री श्री उत्तम गोपाल कृष्ण गोशाला परिसर में गुरुवार शाम को बैठक हुई।
गोष्ठी की अध्यक्षता गोशाला अध्यक्ष रविंद्र सुथार ने की। मुख्य मार्गदर्शक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग प्रचारक विकास राज ने कहा कि गो रक्षा का कार्य केवल आपातकाल में हस्तक्षेप तक सीमित नहीं है। यह सेवा, अनुशासन, संयम और सामाजिक समन्वय के साथ किया जाने वाला निरंतर यज्ञ है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि गोवंश के संरक्षण, संवर्धन, उपचार एवं सुरक्षित रखरखाव के लिए दीर्घकालिक योजना बनाकर कार्य करें। उन्होंने कहा कि गो माता की सेवा राष्ट्र सेवा है और इसमें समाज के सभी वर्गों का सहयोग आवश्यक है।
गोशाला संयोजक मुकेश भोई ने गोशाला की स्थापना से लेकर वर्तमान तक की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि समाज के सहयोग और कार्यकर्ताओं के अथक प्रयासों से गोशाला को आज व्यवस्थित स्वरूप मिला है। उन्होंने गोशाला में आने वाले गोवंश के लिए चारा-पानी, रखरखाव, चिकित्सा एवं असहाय-बीमार गोवंश की देखभाल की व्यवस्थाओं के बारे में बताया। भोई ने गोशाला के संचालन में आ रही आर्थिक, स्थान और संसाधन संबंधी चुनौतियों और उनके समाधान के लिए किए जा रहे प्रयासों से अवगत कराया।
गोष्ठी में गो रक्षकों के समक्ष आने वाले व्यक्तिगत, सामाजिक एवं कानूनी संघर्षों पर चर्चा हुई। वक्ताओं ने जोर दिया कि ऐसी परिस्थितियों में कार्यकर्ता संयम, धैर्य और अनुशासन बनाए रखें। बैठक में पुलिस एवं प्रशासन के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विचार-विमर्श हुआ। यह तय किया गया कि गो तस्करी या अन्य संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत प्रशासन को सूचना दी जाएगी।
गोष्ठी में सडक़ पर विचरण करने वाले गोवंश के कारण होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम पर भी चर्चा हुई। इसके लिए गोवंश को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने, रात्रि में रिफ्लेक्टर पट्टे लगाने और गोशाला में सुरक्षित रखने के सामूहिक प्रयास करने का निर्णय लिया गया। गोष्ठी में जिग्रेश यादव, राज भागरिया, विशाल बुझ, कुलदीप भोई, अभिषेक दर्जी, राही उपाध्याय, रजत सुथार, गोपाल पंचाल, कुलदीप कटारा, अजय बुझ, तरंग दर्जी, करण भोई, गोशाला समिति के नीरज शर्मा, छगन लाल चौधरी एवं खेमराज भाटिया मौजूद रहे। संचालन गो रक्षक आयुष जोशी ने किया।
Updated on:
15 Aug 2026 06:01 am
Published on:
15 Aug 2026 06:01 am
