बांसवाड़ा. कभी संसाधनों और उचित प्रशिक्षण के अभाव में खेलों से दूरी बनाने वाले बच्चे और किशोर अब इनकी ओर खिंचे चले आ रहे हैं। जहां कुछ वर्ष पूर्व बांसवाड़ा में खेलों की स्थिति उतनी सुदृढ नहीं थी। वहीं, अब तस्वीर बिल्कुल बदल चुकी है और खेलों से दूरी बनाने वाले बच्चे और किशोर इन्हीं खेलों को कॅरियर के लिए बेहतरी विकल्प मान भविष्य की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। और देखते देखते बीते वर्षों की अपेक्षा खिलाडिय़ों की संख्या में तेजी से इजाफा नजर आता है।
चार गुना बढ़े खिलाड़ी
जिला खेल अधिकारी बताते हैं बरते पांच वर्ष में खिलाडिय़ों की संख्या काफी तेज से बढ़ी है। जिसमें कुछ प्रमुख खेल मसलन बैडमिंटन, टेबल टेनिस, हॉकी, वॉलीबॉल और फुटबॉल सरीखे गेमों में खिलाडिय़ों की संख्या तकरीबन दो से चार गुना तक बढ़ी है।
इन खेलों में रुझान ज्यादा
– हैंडबॉल
– हॉकी
– फुटबॉल
– ऑर्चरी
-एथलेटिक्स
– टेबल टेनिस
– टेनिस
– बैडमिंटन
खेलों में इतने बढ़े खिलाड़ी
हैंडबॉल : इस खेल में जहां पांच वर्ष पहले महज 13-14 खिलाड़ी सक्रिय थे। वहीं, अब इन खिलाडिय़ों की संख्या 60-70 तक पहुंच रही हैं। यानी कि इस खेल में चार से पांच गुना खिलाडिय़ों की संख्या में इजाफा हुआ है।
हॉकी : राष्ट्रीय खेल हॉकी में भी पहले की अपेक्ष दो गुना खिलाड़ी बने हैं। पहले जहां महज 11-12 खिलाड़ी ही पंजीकृत थे। वहीं अब इनकी संख्या 25 तक पहुंच चुकी है।
तीरंदाजी: 8-10 खिलाड़ी पहले तीरंदाजी में सक्रिय थे। लेकिन पांच वर्ष बाद अब इस खेल में 25-30 खिलाड़ी नियमित तौर पर अभ्यास कर रहे हैं और पूर्ण रूप से सक्रिय हैं।
एथलेटिक्स : पांच वर्ष पूर्व जहां खेल से महज 30 खिलाड़ी जुड़े थे। वहीं अब इन खिलाडिय़ों की संख्या में दो गुने से भी अधिक इजाफा हुआ है और अब इनकी संख्या तकरीबन 70 है।
फुटबॉल : इस खेल में भी पूर्व की अपेक्षा पांच गुना खिलाड़ी बढ़े हैं। पहले जहां महज 5-10 खिलाड़ी नियमित तौर पर प्रैक्टिस करते थे। वहीं, अब इनकी संख्या 50 तक पहुंच चुकी है।
बैंडमिंटन : वर्ष 2017 में बैंडमिटन में नियमित अभ्यास करने वाले खिलाडिय़ों की संख्या तकरीबन 25 थी। जो वर्ष 2023 में दो गुना बढ़कर 50 हो गई है। यानी वर्तमान में 50 खिलाड़ी इस खेल में सक्रिय हैं।
टेबल टेनिस : इस खेल के प्रति भी अब बच्चों का रुझान तेजी से बढ़ा है। बीते वर्ष में जहां इसमें महज 8-10 खिलाड़ी सक्रिय थे। वहीं अब वर्ष 2023 में तकरीबन 30 खिलाड़ी सक्रिय हैं और नियमित अभ्यास कर रहे हैं।
विभिन्न खेलों में पांच वर्ष में आए इतने मेडल
गोल्ड – 15
सिल्वर – 35
ब्राउंज – 50
( जैसा कि जिला खेल अधिकारी ने बताया)
एक्सपर्ट व्यू : बढ़ा रुझान, कॅरियर के तौर पर खेलों को चुन रही युवा पीढ़ी
यह शतप्रतिशत सत्य है कि खेलों के प्रति युवाओं का रुझान काफी बढ़ा है। अब खिलाड़ी खेलों को कॅरियर ऑप्शन के रूप में चुन रहे हैं और ग्लैमर से भी आकर्षित हो रहे हैं। इस कारण बीते पांच वर्ष में बांसवाड़ा में भी खिलाडिय़ों की संख्या कई गुना बढ़ी है।
– ललित कुमार कलाल, वाइस प्रेसिडेंट, राष्ट्रीय हैंडबॉल संघ
तीन खेलों से शहरवासी भी खूब जुड़े
जिला खेल अधिकारी बताते हैं कि फिटनेस और शौक के लिए बड़ी संख्या में शहरवासी भी विभिन्न खेलों से जुड़े हैं। टेबल टेनिस, टेनिस, बैडमिंटन और वॉलीबॉल ऐसे खेल हैं। जिनसे आमलोग भी खूब पसंद कर रहे हैं और बड़ी संख्या में रोजाना स्टेडियम पहुंच रहे हैं।