
बांसवाड़ा में बारिश ने तोड़ा 10 सालों का रिकॉर्ड, जगपुरा में सर्वाधिक 1249 मिमी वर्षा, सज्जनगढ़ में सबसे कम 995 मिमी बारिश
बांसवाड़ा. विदा होते मानसून की मेहर ने बांसवाड़ा जिले में एक दशक की औसत बारिश के आंकड़े को काफी पीछे छोड़ दिया है। इस बार मानसून सीजन में सज्जनगढ़ के अलावा जिले में स्थापित वर्षामापी केंद्रों पर एक हजार से अधिक मिमी बारिश दर्ज हुई है और यह क्रम अब भी बना हुआ है। भू-अभिलेख शाखा के अनुसार जिले में 2009 से लेकर 2018 तक औसत बारिश 894.86 मिमी हुई थी। इस बार 1 अक्टूबर सुबह आठ बजे तक जिले में स्थापित 14 वर्षामापी केंद्रों पर 1249.3 मिमी बारिश हो चुकी है। बीते दस वर्षों की अवधि में 2012 में 1156.4 मिमी बारिश हुई थी, लेकिन यह आंकड़ा भी अब 1249.3 तक पहुंच गया है।
जलाशयों की स्थिति : - जिले में जल संसाधन विभाग के अधीन माही बांध के अतिरिक्त 100 एवं 50 एमसीएफटी की क्षमता वाले सभी बांध-तालाब लबालब हैं और ओवरफ्लो चल रहे हैं। इसके अतिरिक्त हरो, वगेरी, फूटन, भगोरा, कालीघाटी, बख्तोड़, मकनपुरा और देलवाड़ा तालाब दस सेमी ओवरफ्लो हैं। मेल तालाब सात सेमी, मेमखोर, बोरीवानगढ़ी व नवाखेड़ा पांच सेमी, बियापाड़ा व गोयकाप्रसाद तीन सेमी, कलिंजरा, छोटी टांडी, हिम्मतगढ़ी पर दो सेमी तथा सोनारिया, पाणदा, गोपालपुरा, पंचाल, पीपलोन व नाकावाला पर एक सेमी की चादर चल रही है।
रुक-रुककर चला बारिश का दौर : - मंगलवार को दिन में रुक-रुककर बारिश का दौर चला। इससे पहले तडक़े तेज हवाओं के साथ तेज बारिश हुई। इससे कई जगह पेड़ उखड़ गए। कवेलूपोश और कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचा। रात करीब साढ़े 11 बजे भी कुछ देर के लिए बारिश हुई। इधर, माही बांध लबालब होने के साथ सुबह 8 बजे तक इसके छह गेट आधा-आधा मीटर खुले थे। दिन में पानी की आवक बढऩे पर शाम तक इसके आठ गेट आधा-आधा मीटर व आठ गेट एक-एक मीटर खोले गए। दूसरी ओर, सुबह बीकानेर और डीडवाना डिपो की बसें आने के बाद उदयपुर मार्ग से बसों का आवागमन बंद हो गया। बताया गया कि उदयपुर मार्ग पर जैताणा और झल्लारा के बीच पुलिया पर पानी होने से मार्ग काफी देर तक बाधित रहा और बसों का आवागमन भी प्रभावित हुआ।
11केवी की लाइन पर गिरा पेड़ : - सोमवार रात बारिश व तेज हवा से बड़लिया गांव के मुख्य चौक के समीप एक पेड़ 11केवी बिजली लाइन पर गिर गया। घटना के दौरान किसी के वहां नहीं होने से बड़ा हादसा टल गया।नवरात्र महोत्सव के चलते मुख्य चौक पर गरबे हो रहे हैं। गरबों के समापन के बाद लोग अपने घरों को लौटे ही थे कि कुछ देर बाद एक पेड़ बिजली के तारों पर गिर गया। उस वक्त बिजली चालू थी। पेड़ लाइन पर गिरने के बाद स्पार्र्किंग के कारण आग लग गई। 11केवी लाइन व केबल टूट गई। गौरतलब है कि गांव में 11केवी लाइन घरों को छूती हुई निकल रही है। अमरेंग पटेल, अर्जुन कटारा आदि ग्रामीणों ने प्रशासन से केबल लाइन लगाने व ट्रांसफॉर्मर को गांव से बाहर लगाने की मांग की है।
Published on:
02 Oct 2019 04:19 pm
बड़ी खबरें
View Allबांसवाड़ा
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
