
राजस्थान में जन्माष्टमी की छुट्टी में बदलाव ने किया परेशान, शिक्षक आए नहीं तो स्कूलों में कंकड़-कबड्डी खेलते दिखे 'बाल-गोपाल'
बांसवाड़ा. राज्य सरकार की ओर से बीती रात जारी फरमान ने कृष्ण जन्माष्टमी की छुट्टी को लेकर जिले में उहापोह बढ़ा दी। एक दिन पहले छुट्टी की घोषणा से कई सरकारी स्कूलों में शुक्रवार को शिक्षक नहीं पहुंचे, वहीं आदेश से बेखबर बच्चे पहुंचकर इंतजार करते रहे। दूसरी ओर, कई निजी स्कूलों में जन्माष्टमी से एक दिन पूर्व विशेष कार्यक्रम होने थे। इसकी तैयारी कर चुके राधा-कृष्ण बने नन्हे-मुन्ने शुक्रवार सुबह इंतजार करते रहे, लेकिन अचानक छुट्टी की घोषणा से वाहन ही नहीं पहुंचे। दरअसल, सरकारी छुट्टी की यह घोषणा सचिवालय स्तर के लिए तो सुविधाजनक बन गई, लेकिन शिक्षा विभाग इससे खासा प्रभावित हुआ। खासकर ग्रामीण इलाकों में इसका असर ज्यादा दिखलाई दिया, जहां सूचना संप्रेषण नहीं होने से बच्चे स्कूल पहुंच गए, लेकिन शिक्षक नहीं पहुंचे। कई जगह इसके चलते जन्माष्टमी के कार्यक्रम भी धरे रह गए।
ठीकरिया में कंकड़-कब्बड़ी से बच्चों ने किया टाइम पास
ठीकरिया. राजमीय माध्यमिक विद्यालय, ठीकरिया में शुक्रवार सुबह विद्यार्थी करीब साढ़े सात बजे स्कूल पहुंच गए।यहां पांचवीं तक के बच्चे जन्माष्टमी पर्व मनाने के लिए राधा-कृष्ण बनकर आए, लेकिन उन्हें स्कूल खुलने का 1 घंटे तक इंतजार करना पड़ा। बाद में जब उन्हें संवाददाता ने अवकाश की सूचना दी, तो बच्चे रुंआसे होकर घर लौटे। इस बीच, यहां बालिकाएं कंकड़ से खेलती दिखलाई दी, तो बालकों की टोलियां कब्बडी, क्रिकेट, हॉकी खेलते नजर आए।
अब शनिवार को भी संकट
जन्माष्टमी 24 अगस्त को है, लेकिन छुट्टी एक दिन पहले हो गई। इससे शिक्षक नहीं आए। अब फिर संकट यह है कि शनिवार को शिक्षक आएंगे, लेकिन बच्चे जन्माष्टमी पर्व मनाए जाने के कारण आएंगे इसके आसार कम ही है। ऐसे में फिर रविवार को छुट्टी है ही, जबकि दोनों ही दोनों ही नहीं आएंगे। ऐसे में ज्यादातर के लिए तीन दिन की छुट्टी हो गई है।
Published on:
23 Aug 2019 02:35 pm
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