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MNREGA Update : मनरेगा योजना के तहत अब राजस्थान सहित देशभर में फेस ऑथेंटिकेशन फीचर अनिवार्य कर दिया गया है। ई-केवाईसी पूर्ण किए बिना किसी भी पंजीकृत सक्रिय श्रमिक का मस्टररोल जनरेट नहीं होगा। यानि घोस्ट वर्कर्स (भूतिया मजदूर) को अब भुगतान नहीं होगा।
इस संबंध में ग्रामीण विकास मंत्रालय के निर्देश पर राजस्थान के ग्रामीण विकास विभाग की शासन सचिव एवं आयुक्त पुष्पा सत्यानी ने प्रदेश के सभी जिलों के कलक्टर एवं मनरेगा समन्वयकों को आदेश जारी किए हैं।
निर्देशों के अनुसार 27 फरवरी तक राजस्थान में 78.69 प्रतिशत सक्रिय श्रमिकों के जॉब कार्ड सत्यापन व ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जबकि शेष श्रमिकों का सत्यापन शीघ्र कराने के निर्देश दिए गए हैं। 2 मार्च से केवल उन्हीं श्रमिकों के नाम से मस्टररोल जारी होंगे जिनकी ई-केवाईसी पूर्ण है।
पुष्पा सत्यानी ने बताया कि फेस ऑथेंटिकेशन फीचर सभी राज्यों और जिलों में लागू कर दिया गया है। इसे लेकर जिला, ब्लॉक व पंचायत स्तर पर सघन मॉनिटरिंग अभियान चलाने तथा शेष श्रमिकों की जानकारी निर्धारित प्रपत्र में राज्य मुख्यालय भेजने के निर्देश दिए हैं।
Updated on:
05 Mar 2026 11:38 am
Published on:
05 Mar 2026 11:15 am
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