
माता त्रिपुरा सुंदरी में रहती है नेताओं को राज योग की तलाश
नरेंद्र वर्मा. बांसवाड़ा. देश में माता त्रिपुरा सुंदरी मंदिर आस्था एवं विश्वास का शक्तिपीठ होने के साथ ही अब राजनेताओं का शक्ति केन्द्र भी बन चुका है। राजयोगिनी माता होने से देश के कई दिग्गज नेता यहां अपना राजनीतिक सितारा बुलंद करने के लिए शीश नवाने आते है। प्रदेश में विधानसभा चुनाव सन्निकट होने से अब राजनीतिक दलों व बड़े नेता प्रदेश में अपनी धाक जमाने के लिए मंदिर परिसर से ही विभिन्न यात्राओं का आगाज कर रहे है। हालांकि माता त्रिपुरा सुंदरी मंदिर ट्रस्ट व पंचाल समाज चौखरा मंदिर का राजनीति के लिए उपयोग को उचित नहीं मानता है। बांसवाड़ा जिला मुख्यालय से करीब 18 किलोमीटर दूर तलवाड़ा के समीप अरावली पर्वतामाला के बीच माता त्रिपुरा सुंदरी का भव्य मंदिर है। मां भगवती त्रिपुरा सुंदरी की मूर्ति अष्टदश यानी अठारह भुजाओं वाली भव्य एवं अदभूत प्रतिमा यहां स्थापित है। इसमें माता दुर्गा के नौ रूपों की प्रतिकृतियां अंकित हैं। मुख्य मंदिर के द्वार के किवाड़ चांदी के हैं।
पीएम से सीएम तक टेक चुके मत्था
मान्यता है कि माता के दरबार में जो मन्नत मांगी जाती है। वह जरूर पूरी होती हैं। राजयोग माता के रूप में भी माता जानी जाती है। यहां देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू , इंदिरा गांधी, राजीव गांधी व अटलबिहारी वाजपेयी के साथ ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आ चुके है। इसी प्रकार पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल, पूर्व उपराष्ट्रपति स्व.भैरोंङ्क्षसह शेखावत, केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ ङ्क्षसह, केन्द्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर, केन्द्रीय गजेंद्र ङ्क्षसह शक्तावत, केन्द्रीय मंत्री भूपेन्द्र यादव, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी, पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट, पूर्व राज्यपाल वीपी ङ्क्षसह समेत देश व प्रदेश के कई प्रमुख नेता यहां आ चुके है। इसके अतिरिक्त पुलिस एवं प्रशासन के आला अधिकारी भी माथा टेक चुके हैं। संतों और कई उद्योगपति भी माता के दर्शन करने पहुंचे हैं।
राजनीतिक बैठकों व यात्राओं का दौर
यहां पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे भी अक्सर इस मंदिर में आती है। वह अपनी राजनीति यात्राओं का आगाज इसी मंदिर से करती है। जबकि विभिन्न राजनीतिक दलों की बैठकों व आयोजनों का सिलसिला भी अब शुरू हो चुका है। हाल ही भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने गौरव जन जाग्रति यात्रा का आगाज यहीं से किया।
जोशी की प्ररेणा, राजे की योजना
मंदिर के स्वरूप को पूर्व तत्कालीन मुख्यमंत्री स्व हरिदेव जोशी की प्रेरणा से दानदाताओं ने विकसित कर भव्य बनाया। वसुंधरा राजे ने भी धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में मंदिर को विकसित करने के प्रयास किए है। यूं तो मंदिर में रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं लेकिन नवरात्र में यहां श्रद्धा का सैलाब उमड़ता है। मंदिर पर भव्य आकर्षक विद्युत सजावट श्रद्धालुओं को मोहित करती है। इस अवधि में यहां गरबा, डांडिया की धूम रहती है नियमित दुर्गा पाठ के आयोजन होते है। इसके साथ ही दीवाली पर यहां मेला भरता है।
राजनीति के लिए मंदिर का उपयोग ना हो
मंदिर देश की धरोहर है। राज्य सरकार ने मंदिर को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए योजना में शामिल किया है। योजना की क्रियांवति के लिए सरकार को प्रस्ताव भी भिजवाए है। मंदिर को हाईवे के रास्ते से जोडऩे की भी मांग की है। माता राजयोगिनी है, नेता यहां अपना राज योग तलाशने आते है, लेकिन मंदिर परिसर का उपयोग राजनीतिक बैठकों व आयोजनों के लिए नहीं होना चाहिए। - कांतिलाल पंचाल, अध्यक्ष, माता त्रिपुरा सुंदरी मंदिर ट्रस्ट व पंचाल समाज चौखरा मंदिर
अच्छी होटलें खुलें व सुविधा बढ़े
मंदिर की देखभाल माता त्रिपुरा सुंदरी मंदिर ट्रस्ट बेहतरीन तरीके से कर रहा है, लेकिन सरकारी संरक्षण का अभाव है। यहां अच्छे होटल बने और पर्यटन केन्द्र खुले तो देश के पर्यटकों का झ़ुकाव और बढ़ेगा। - निर्मला मकवाना, प्रधान, तलवाड़ा
Published on:
11 Aug 2022 03:30 am
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