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बांसवाड़ा : प्रधान ने दी मुख्यमंत्री के दौरे के समय आत्मदाह की धमकी, विधायक खांट के आवास पर खर्च राशि का मुद्दा उठाया

जांच समिति ने मानी थी गड़बड़ी, की थी विधायक जीतमल खांट के आवास पर खर्च 67.30 लाख वसूली करने की सिफारिश

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बांसवाड़ा : प्रधान ने दी मुख्यमंत्री के दौरे के समय आत्मदाह की धमकी, विधायक खांट के आवास पर खर्च राशि का मुद्दा उठाया

बांसवाड़ा. अरथूना प्रधान कल्पना कटारा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के मामले ने तूल पकड़ लिया है और कांग्रेस ने प्रशासन और भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। प्रधान ने अपने खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद सीएम के दौरे के समय आत्मदाह करने की धमकी दी है वहीं कांग्रेस ने सीएम के घेराव की चेतावनी दी है। इस कार्रवाई के साथ कांग्रेस ने प्रशासन और भाजपा पर पलटवार करते भाजपा के गढ़ी विधायक जीतमल को निशाने पर लिया व उनके पैतृक गांव थालीतलाई के खसरा नम्बर 953 पर उनके आवास और उसके आस पास के क्षेत्र में सरकारी धन का दुरुपयोग कर निर्माण व अन्य कार्य करन का मामला फिर उठाया है। कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को इस मसले को लेकर जिला कलक्टर के पास पहुंचा और उनसे दोषियों से 67.30 लाख की राशि वसूली की मांग उठाई।

एफआईआर निरस्त करो
प्रधान के खिलाफ पुलिस में दर्ज एफआईआर को निरस्त करने की मांग को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी ने शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन दिया। गौरतलब है कि प्रधान कटारा ने विकास अधिकारी को कार्यभार नहीं देने की मांग को लेकर 7 मई को कार्मिकों को बाहर निकाल कर कार्यालय पर ताला जड़ दिया था। इसे लेकर जिला प्रशासन के निर्देश पर प्रधान के खिलाफ 23 मई को राजकार्य में बाधा का प्रकरण दर्ज कराया गया। इस पर आक्रोशित कांग्रेस पदाधिकारियों ने जिलाध्यक्ष चांदमल जैन के नेतृत्व में ज्ञापन देकर कहा कि पंचायत समिति में प्रधान एक निर्वाचित प्रतिनिधि है एवं स्वयं के कार्यालय का उपयोग करने में राजकार्य में बाधा कैसे हो गई। इस मौके पर जिला प्रमुख रेशम मालवीया, कांग्रेस प्रदेश सचिव जैनेन्द्र त्रिवेदी आदि उपस्थित थे।

कलक्टर से कहा- दोषियों से वसूलो राशि
कांग्रेस के प्रतिनिधमंडल ने जिला कलक्टर को भी एक ज्ञापन दिया और मांग की विधायक खांट के निवास और उसके आस पास के क्षेत्र में नियम विरुद्ध किए गए लाखों रुपए के खर्च के दोषियों से वसूली की जाए। गौरतलब है कि करीब 31 माह पूर्व कांग्रेस की ओर से इस मामले में की गई शिकायत पर ही जांच कराई गई थी, जिसमें गडबड़ी की पुष्टि हुई थी। जिला कलेक्टर को ज्ञापन देने के दौरान जिलाध्यक्ष चांदमल जैन ने कहा कि विधायक खांट ने अपने राज्यमंत्री के कार्यकाल के दौरान अलग-अलग मद से करीब 67.85 लाख रुपया निजी जमीन पर खर्च कराया एवं तत्कालीन जिला कलेक्टर की ओर से कराई गई जांच में यह तथ्य सही पाया गया।

प्रदेश कांग्रेस सचिव जैनेंद्र त्रिवेदी ने कहा कि खांट ने सरकारी राशि का दुरुपयोग कर अपने आवास के आस पास सरकारी लाइट्स लगवाने व सडक़ बनवाने आदि कार्य करवाए। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच में शिकायत सही साबित होने के बाद भी न तो राशि की वसूली की जा रही है और न ही दोषी कर्मचारी/अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। ज्ञापन देने वालों में जिला प्रमुख रेशम मालवीया, प्रधान राजेश कटारा, सुभाष तम्बोलिया, मनीष देव जोशी, नटवर तेली, नवाब फ़ ौज़दार, शान्ता गरासिया, ब्लॉक अध्यक्ष देवेंद्र त्रिवेदी, ब्लॉक अध्यक्ष योगेश जोशी, मोती भूरिया, कल्पना कटारा, धर्मिष्ठा पटेल, संतोष पटेल, महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष सन्तु देवी, आदि उपस्थित थे।

गौरतलब है कि राजस्थान पत्रिका ने भी 11 मार्च को ‘21 माह बाद भी नहीं हुई 67 लाख की वसूली ’ शीर्षक से समाचार का प्रकाशन किया था। जिला प्रशासन की ओर से गठित जांच दल ने संबंधित सरपंच, सचिव, कनिष्ठ अभियन्ता, सहायक अभियन्ता, अधिशासी अभियन्ता एवं विकास अधिकारी से यह राशि वसूल करने की अनुशंसा 5 जुलाई 2016 को ही कर दी थी। इसके बावजूद जिला प्रशासन अपने मातहत कार्मिकों से यह राशि अभी तक वसूल नहीं कर पाया है।