बांसवाड़ा

राजस्थान में इस वर्ष होगा आम का भारी संकट, न मिलेगा ‘लंगड़ा’, न चख सकेंगे दशहरी

Rajasthan Mango : राजस्थान में इस वर्ष आम का संकट रहेगा, ऐसी संभावनाएं जताई जा रही है। न चख सकेंगे ‘लंगड़ा’, दशहरी भी नहीं मिलेगा। जानिए वजह।

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Rajasthan Mango : राजस्थान में इस वर्ष गर्मी में आम संकट खड़ा होने की आशंका है। गत सोमवार शाम अंधड़ ने बांसवाड़ा में आम के पेड़ों को उजाड़ दिया। जल्दी पकने वाले आम को 70 फीसदी तक नुकसान पहुंचा है। बांसवाड़ा प्रदेश में आम उपज का तकरीबन 25 से 30 फीसदी उत्पादन करता है। ऐसे में यहां अंधड़ से आम गिरने का असर पूरे प्रदेश पर पड़ सकता है। मौसम विभाग की मानें तो अंधड़ का प्रभाव उदयपुर, जोधपुर, बीकानेर, जयपुर, कोटा जोन देखने को मिला है। प्रदेश में मुख्यतौर पर उदयपुर संभाग में आम की पैदावार है। इसमें भी सबसे अधिक उत्पादन बांसवाड़ा में होता है।

जो आम जल्दी पकते हैं उनमें नुकसान ज्यादा

अंधड़ के कारण जिले की 30-40 फीसदी आम की फसल को नुकसान पहुंचा है। अधिक नुकसान गढ़ी क्षेत्र में तकरीबन 60 फीसदी होना पाया गया है। जो आम जल्दी पकते हैं उनमें नुकसान ज्यादा है।
बदामी लाल निनामा, सहायक निदेशक उद्यानिकी, बांसवाड़ा

जांच में 65 से 70 फीसदी नुकसान आया सामने

कृषि अनुसंधान केंद्र (एआरएस) बोरवट के 40 बीघा आम के बगीचे और शहर स्थित बगीचे में भारी नुकसान हुआ है। कमेटी की जांच में 65 से 70 फीसदी नुकसान होना सामने आया है। यहां पर दशहरी, लंगड़ा, मल्लिका, आम्रपाली, चौसा इत्यादि किस्मों के तकरीबन 700 पौधे हैं।
डॉ. आरके कल्याण, वैज्ञानिक, कृषि अनुसंधान केंद्र, बोरवट

90 फीसदी फसल नष्ट

600 पौधों का आम का बाग है। इसमें मुख्यतौर पर दशहरी, लंगड़ा और मल्लिका के पेड़ हैं। आंधी के कारण 90 फीसदी फसल नष्ट हो गई है।
कचरु खराड़ी, आम उत्पादक, भगोरा

इन जिलों में होती है आम की पैदावार

डूंगरपुर
बांसवाड़ा
प्रतापगढ़
उदयपुर
झालावाड़
कोटा
बारां
राजसमंद
(विभाग से प्राप्त जानकारीके आधार पर)

इतना हुआ नुकसान

बांसवाड़ा : 40 फीसदी।
डूंगरपुर : 30-40 फीसदी।

Published on:
08 May 2025 02:26 pm
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