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राजस्थान में प्रजनन दर काबू करने के लिए सास-बहू सम्मेलन, बांसवाड़ा के 1489 गांवों में होगा आयोजन

Saas-Bahu Sammelan In Banswara : मिशन परिवार विकास 26 दिसंबर से, जनवरी के दूसरे पखवाड़े तक तक गांवों में होंगे आयोजन

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राजस्थान में प्रजनन दर काबू करने के लिए सास-बहू सम्मेलन, बांसवाड़ा के 1489 गांवों में होगा आयोजन

राजस्थान में प्रजनन दर काबू करने के लिए सास-बहू सम्मेलन, बांसवाड़ा के 1489 गांवों में होगा आयोजन

बांसवाड़ा. चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग प्रदेश में उच्च प्रजनन दर वाले 14 जिलों में के 16 हजार 250 गांवों में सास-बहू सम्मेलन कराएगा। मिशन परिवार विकास के तहत चयनित जिलों में शामिल बांसवाड़ा में इस सम्मेलन के जरिए विभाग बढ़ती प्रजनन दर पर काबू करने के प्रयास करेगा। इसके तहत सम्मेलनों में सास-बहू को बुलाकर उसने परिवार नियोजन से जुड़े अनुभव साझा करवाते हुए औरों को सीमित परिवार के लिए प्रोत्साहित करेगा। चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण सेवा निदेशालय के निर्देश पर सम्मेलन 26 दिसंबर से 17 जनवरी तक कराने के लिए बांसवाड़ा में जिम्मेदारियां तय की गई हैं। इसमें यह भी स्पष्ट किया गया है कि किसी कारण से यदि किसी गांव में सम्मेलन नहीं हो पाता है तो भी इसकी जानकारी निदेशालय को देनी होगी।

बांसवाड़ा में 1489 गांवों में होंगे सम्मेलन : - राज्य में उच्च प्रजनन दर वाले 14 जिलों भरतपुर, धोलपुर, करौली, सवाईमाधोपुर, उदयपुर, डूंगरपुर, राजसमंद, जालौर, बाड़मेर, जैसलमेर, पाली, सिरोही, बारां सहित बांसवाड़ा में सास-बहू सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। इनमें बांसवाड़ा में 1 हजार 489 गांवों समेत सभी जिलों में 16 हजार 250 जगह के सम्मेलन शामिल हैं। अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. हरीश कटारा ने बताया कि सम्मेलन में अधिक से अधिक वह नवदंपती जिनका हाल ही में विवाह हुआ हो या एक-दो बच्चे हैं उन में से बहू को अपनी सास के साथ सम्मेलन में भाग लेने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसके माध्यम से परिवार नियोजन एवं स्वास्थ्य कार्यक्रमों की जानकारी देकर भ्रांतियां दूर की जाएगी। सम्मेलन में सीमित परिवार के लाभ, विवाह की सही आयु, विवाह के दो वर्ष बाद पहला बच्चा, पहले एवं दूसरे बच्चे में न्यूनतम तीन साल का अंतर, परिवार नियोजन साधनों सहित चिकित्सालायों में मिलने वाली सुविधाओं के बारे में बताया जाएगा। इसके साथ ज्ञानवर्धन प्रतियोगिताओं का आयोजन भी होगा। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. हीरालाल ताबियार ने बताया कि सम्मेलन प्रत्येक गांव के आंगनबाड़ी केंद्र, स्वास्थ्य केंद्र या राजीव गांधी सेवा केंद्र में होंगे। इसके लिए महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता को जिम्मेदारी दी गई है। आशा सहयोगिनी उनका सहयोग करेगी।