
पीपीटी में पेश की गई परिकल्पना, जो माही बांध के बैंकवॉटर क्षेत्र का चाचाकोटा प्रतीत हो रहा है। फोटो पत्रिका
Banswara Tourism : बांसवाड़ा पर्यटन के नक्शे पर वागड की आभा भी पर्यटकों को आकर्षित करेगी। बांसवाड़ा सहित डूंगरपुर, चित्तौड़गढ़ और उदयपुर को पर्यटन टूरिज्म सर्किट से जोड़ने के लिए यहां वॉटर एडवेंचर, धार्मिक और अन्य पर्यटन गतिविधियों को विकसित किया जाएगा। गुजरात से नजदीकी होने के चलते यहां के पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए माही के टापूओं पर टैंट सिटी, बॉटनिकल गार्डन, साइकिलिंग ट्रेल आदि गतिविधियां विकसित की जाएगी।
शुक्रवार की माही बैकवाटर क्षेत्र व इसमें बने आईलैंड सहित आसपास पर्यटन गतिविधियों को बढ़ाने के लिए उदयपुर संभागीय आयुक्त प्रज्ञा केवलरमानी की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में वागड़ के पर्यटन मास्टर प्लान का खाका खींचा और सभी विभागों को इसकी तैयारी करने के निर्देश दिए।
बैठक में वाटर ग्रिड कॉरपोरेशन लिमिटेड के एमडी राकेश कुमार गुप्ता, जिला कलक्टर डॉ. इंद्रजीत यादव, अतिरिक्त जिला कलक्टर राजीव द्विवेदी, डीएफओ अभिषेक शर्मा, माही परियोजना के अधीक्षण अभियंता आर सी मीणा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में पर्यटन से आदिवासी क्षेत्र के लोगों के रोजगार पर भी चिंता की गई। जनजातीय लोगों को आर्थिक रूप से समृद्ध बनाने के लिए पर्यटकों के लिए यहां इको स्टे, कैंपिंग जैसी सुविधा विकसित करने के लिए ट्राइबल होम्स विकसित करने पर चर्चा की गई।
टूरिज्म के प्रति लोगों को आकर्षित करने की शुरुआत में सर्वप्रथम वर्ड फेस्टिवल, माही फेस्टिवल जैसी छोटी छोटी गतिविधियों को बढ़ाने पर चर्चा की गई। वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों में बोटिंग, चप्पू वाली नाव, पैरा सेलिंग, वाटर फेस्टिवल, बोट रेस, कल्वर प्रोग्राम आदि रखने पर भी प्लान रखा गया।
पर्यटन सर्किट में ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों को भी शामिल करने पर चर्चा की गई। इनमें अरथूना के ऐतिहासिक मंदिर, मानगढ़ धाम, आदिशक्ति पीठ मां त्रिपुरा सुंदरी मंदिर, बेणेश्वर मंदिर, पोटिया आंबापुरा मंदिर, सवाई माता मंदिर, मंदारेश्वर मंदिर, साई बाबा मंदिर कल्पवृक्ष, सोनपुरा वॉटर फाल, जगमेरू हिल्स, कागदी पिकअप को भी पर्यटन मास्टर प्लान में शामिल करने पर चर्चा हुई।
इसके अतिरिक्त ‘राजस्थान का स्कॉटलैंड’ व ‘100 द्वीपों के शहर’ (सिटी ऑफ हंड्रेड आइलैंड्स) के नाम से प्रसिद्ध बांसवाड़ा जिले में पर्यटकों के बीच लोकप्रिय जगमेरू हिल्स पर 2 करोड़ रुपए की लागत से राम वाटिका बनाई जाएगी। यहां पर्यटक बादलों से बातें करते हुए बांसवाड़ा की पहचान ‘बांस’ से बने मड़ हाउस और सेल्फी प्वॉइंट से प्राकृतिक खूबसूरती को अपने कैमरे में कैद कर सकेंगे। वन विभाग के अनुसार राज्य सरकार की ओर से राम वाटिका विकसित करने के एक नई प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो रहा है। इसमें खूबसूरत वाटिका पर चरणबद्ध रूप से दो करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।
Published on:
03 Apr 2026 11:37 am
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