30 मार्च 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Rajasthan : जयपुर से महज 100 किमी दूर राजस्थान में है एक भूमिगत अजूबा, आनंद महिंद्रा हुए मंत्रमुग्ध, जानें क्या कहा?

Rajasthan : जयपुर से महज 100 किमी दूर राजस्थान के छिपे हुए भूमिगत अजूबे को देखकर मशहूर आनंद महिंद्रा मंत्रमुग्ध हो गए। आनंद महिंद्रा इसे 'डिजाइन थिंकिंग' का प्रारंभिक उदाहरण बताया। जीहां, यह कोई महल या किला नहीं है। जानें फिर क्या कहा?

2 min read
Google source verification
Jaipur Just 100 km away Rajasthan Unique underground wonder Chand Baori Anand Mahindra was mesmerized by it said Design Thinking

मशहूर उद्योगपति आनंद महिंद्रा X फोटो साभार

Rajasthan : देश विदेश में मशहूर उद्योगपति और महिंद्रा समूह के अध्यक्ष आनंद महिंद्रा सोशल मीडिया पर बहुत सक्रिय हैं। वे हर वक्त कोई न कोई नवाचार, संस्कृति और भारत की समृद्ध विरासत से जुड़ी वस्तुओं को अपने सोशल मीडिया अकाउंट से साझा करते हैं। सभी जागरुक करते हैं।

आनंद महिंद्रा 29 मार्च को अपने सोशल मीडिया अकाउंट X पर लिखा कि राजस्थान के महलों और किलों को आसमान छूते देखने के लिए दुनियाभर से लोग आते हैं। लेकिन इन सबके ठीक विपरीत एक ऐसी साइट है, जो ज़मीन में बहुत गहराई तक जाती है। अभनेरी में स्थित चांद बावड़ी का निर्माण एक हजार साल से भी अधिक समय पहले हुआ था। यह लगभग 30 मीटर की गहराई तक 13 स्तर तक फैली हुई है। इसमें लगभग 3,500 सीढ़ियां हैं। कहा जाता है कि यह विश्व की सबसे गहरी और विशाल बावड़ियों में से एक हैं।

आनंद महिंद्रा आगे लिखते हैं कि लेकिन सबसे ज्यादा प्रभावित करने वाली बात सिर्फ इसका विशाल आकार नहीं है, बल्कि इसके पीछे की सोच है। आधुनिक समय में लोग अक्सर 'डिजाइन थिंकिंग' की बात करते हैं, जो प्रभावी समाधान बनाने के लिए सहानुभूति, कार्यक्षमता और सौंदर्यशास्त्र को मिश्रित करने वाला एक दृष्टिकोण है। उनके अनुसार, चांद बावड़ी ने इस अवधारणा को औपचारिक रूप से मान्यता मिलने से सदियों पहले ही यह संतुलन हासिल कर लिया था।

बावड़ी को 'डिज़ाइन थिंकिंग' के एक उदाहरण के रूप में वर्णित करते हुए, जो इस शब्द के प्रचलन में आने से बहुत पहले की बात है, उन्होंने बताया कि कैसे प्राचीन भारतीय वास्तुकारों ने उपयोगिता और कलात्मक अभिव्यक्ति को एक साथ जोड़ा। सीढ़ियों की समरूपता, कुएं की गहराई से उत्पन्न शीतलता और बड़ी मात्रा में पानी संग्रहित करने की क्षमता, ये सभी पर्यावरणीय परिस्थितियों और मानवीय आवश्यकताओं की गहरी समझ को दर्शाते हैं। यह 'डिज़ाइन थिंकिंग' है, जिसे नाम दिए जाने से सदियों पहले ही जाना जाता था। उस समय, इसे बस… ज्ञान कहा जाता था।

हाल ही में, राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने आनंद महिंद्रा की पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए चांद बावड़ी की विरासत के बारे में बात की। दीया कुमारी ने कहा कि यह एक कालातीत प्रतिभा है। उन्होंने कहा कि यह दिखाती है कि राजस्थान ने 'डिज़ाइन थिंकिंग' को आधुनिक अवधारणा बनने से बहुत पहले ही अपना लिया था। उन्होंने ऐसी कहानियों पर ध्यान दिलाने के लिए आनंद महिंद्रा की सराहना भी की।

दीया कुमारी ने कहा कि आपका जल्द स्वागत करने की प्रतीक्षा है, आनंद महिंद्राजी। चांद बावड़ी आपका इंतजार कर रही है, इसकी भव्यता का अनुभव स्वयं जाकर ही किया जा सकता है।

जवाब में, आनंद महिंद्रा ने कहा कि राजस्थान की कई बार यात्रा करने के बावजूद, उन्होंने अभी तक चांद बावड़ी को स्वयं नहीं देखा है और आशा व्यक्त की कि वे जल्द ही इस कमी को पूरा करेंगे।

चांद बावड़ी कैसे पहुंचें, जानें?

जयपुर से लगभग 100 किमी और आगरा से लगभग 170 किमी दूर स्थित चांद बावड़ी सड़क मार्ग से आसानी से पहुंचा जा सकता है। फिर भी यह अक्सर राजस्थान के अधिक प्रसिद्ध स्थलों के कारण उपेक्षित रह जाता है।