
Schools will be ranked, will star
प्रदेश में शिक्षा विभाग विद्यालयों की शैक्षिक उपलब्धियों के आकलन एवं कमियों में सुधार को लेकर एक नवाचार की ओर कदम बढ़ा रहा है, जिसके तहत विद्यालयों में प्रवेशित विद्यार्थियों के परीक्षा परिणाम के आधार पर रैंकिंग दी जाएगी। साथ ही स्टार देकर स्तर बताया जाएगा। इससे विद्यालय न केवल अपना वर्तमान स्तर जान पाएंगे, बल्कि उसमें सुधार को लेकर भी आवश्यक पहल कर सकेंगे। विद्यालयों में स्टार का आधार माध्यमिक शिक्षा बोर्ड स्तर से जारी आठवीं, दसवीं एवं बारहवीं का परीक्षा परिणाम रहेगा। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय के निदेशक ने इस संबंध में कार्ययोजना भेज दी है।
यह है स्टार का गणित
1. एक स्टार - रेड - उन विद्यालयों को दिया जाएगा, जहां बोर्ड में नामांकित विद्यार्थियों की तुलना में परीक्षा में प्रवेशित विद्यार्थियों की संख्या 95 प्रतिशत से न्यून है। इस श्रेणी के विद्यालयों को परीक्षा में न्यून भागीदारी के लिए अगल से लिखा जाएगा।
2. दो स्टार- रेड- एेसे विद्यालय जिनका बोर्ड परीक्षा परिणाम संपूर्ण राज्य के परीक्षा परिणाम के मिडियन की तुलना में न्यून है। साथ ही विद्यालय के बोर्ड परीक्षा परिणाम में प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण होने वाले विद्यार्थियों का प्रतिशत संपूर्ण राज्य के परिणाम में प्रथम श्रेणी उत्तीर्ण होने वाले विद्यार्थियों का प्रतिशत परिणाम के मिडियन (संपूर्ण परीक्षा परिणाम के मध्य का ) की तुलना में न्यून है।
3. तीन स्टार- येलो- विद्यालयों में विद्यार्थियों की परीक्षा में भागीदारी 95 प्रतिशत से अधिक है तथा परीक्षा परिणाम-गुणवत्ता परीक्षा परिणाम राज्य स्तर की मिडियन की तुलना में अधिक है, लेकिन स्कूल का बोर्ड परिणाम राज्य स्तर की मिडियन की तुलना में न्यून है।
4. चार स्टार- ग्रीन- विद्यार्थियों की परीक्षा में भागीदारी 95 प्रतिशत से अधिक है। परिणाम एवं गुणवत्ता परिणाम राज्य स्तर की मिडियन की तुलना में न्यून है, लेकिन विद्यालय का बोर्ड परिणाम राज्य स्तर की मिडियन की तुलना में अधिक है।
5. पांच स्टार- ग्रीन वन- विद्यालय के विद्यार्थियों की परीक्षा में भागीदारी 95 प्रतिशत से अधिक है तथा बोर्ड परीक्षा परिणाम-गुणवत्ता परीक्षा परिणाम दोनों ही राज्य स्तर के मिडियन की तुलना में अधिक है।
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