
बांसवाड़ा. जिले के घाटोल उपखंड के टामटिया गांव की एक महिला ने अपनी नाबालिग ननद का जीवन बर्बाद होने से बचाया। 14 वर्षीय टामटिया निवासी अंजना उर्फ हुकली पुत्री रामलाल निनामा का विवाह उसके परिजनों ने कम उम्र में ही कराने का निश्चय किया। जिसका विरोध भाभी कला पत्नी विमल निनामा ने किया। परिजनों ने उसकी एक न सुनी और विवाह की तैयारियां जारी रखी। छोटी ननद का जीवन बर्बाद होते देख भाभी कला से रहा नहीं गया और उसने बाल विवाह रुकवाने के लिए प्रशासन को पत्र लिखा।
शिकायत पर महिला एवं बाल विकास विभाग का दल मौके पर पहुंचा और शादी पूर्व ही बाल विवाह न कराने के लिए पाबंद किया। मामले को लेकर विभागीय अधिकारियों ने बताया कि अंजना के शैक्षणिक दस्तावेजों के अनुसार उसकी जन्म तिथि 22 मई, 2003 है। जिसके अनुसार वो अभी 14 वर्ष 11 माह की है। जिस आधार पर बालिका के माता-पिता, काका-काकी एवं अन्य परिजनों को विवाह अभी न कराने के लिए पाबंद किया। कार्रवाई में महिला पर्यवेक्षक पुष्पा बघेल, प्रचेता मीनाक्षी मेडा आदि शामिल रहे।
बेटी बचाने, बेटी पढ़ाने की अनूठी पहल
बांसवाड़ा. एक ओर जहां सरकार बेटी बचाने और बेटी पढ़ाने के लिए भरसक प्रयास कर रही है। वहीं, आम नागरिक भी जागरुकता का परिचय देकर दूसरों को भी प्रोत्साहित कर रहे हैं। शहर के जगदीशचंद्र अग्रवाल ने अपने बेटे की शादी 10 जुलाई को निर्धारित की है। शादी के निमंत्रण पत्र में विवाह के आयोजन संबंधी जानकारी के साथ ही बेटी बचाने और बेटी पढ़ाने का संदेश भी प्रमुखता से प्रकाशित किया है। अग्रवाल ने बताया कि यूं सरकार बेटी बचाने के प्रति लोगों को खूब जागरुक कर रही है। निजी स्तर पर यह प्रयास गिनेचुने लोगों के द्वारा ही किए जा रहे हैं। यही सोचकर बेटे के शादी के कार्ड में यह संदेश प्रकाशित करवाया है ताकि अधिक से अधिक लोग प्रेरित हों और बेटी को सुरक्षित जीवन दें।
Published on:
11 May 2018 05:17 pm

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