
बांसवाड़ा : शिक्षक और बच्चों की मेहनत बनी मिसाल, सरकारी स्कूल में पेड़-पौधे लगाकर फैला दी हरियाली, देखें वीडियो..
जुगल भट्ट/ ठीकरिया/ बांसवाड़ा. पर्यावरण के संरक्षण के लिए बहुत बड़ा काम करने की जरूरत नहीं है। कुछ छोटे-छोटे प्रयासों से ही बड़ा बदलाव लाया जा सकता है। स्कूल परिसर को हरा-भरा बनाने और विद्यार्थियों में पर्यावरण के प्रति लगाव जगाने की सोच को लेकर कुछ वर्षों पहले एक शिक्षक द्वारा अपने वेतन से फलदार पौधे लगाने की पहल आज रंग लाई है। सभी पौधे बड़े होकर परिसर में छाया और वातावरण को शुद्ध बना रहे है। यदि ऐसे ही प्रयास अन्य जगहों पर भी किए जाएं तो सिर्फ 4 वर्षों में ही हर स्कूल परिसर में हरियाली फैल सकती है।
15 साल पहले की थी पहल
जिला मुख्यालय से 12 किमी दूर ग्राम पंचायत गणाऊ के राप्रावि गणावाफला स्कूल में 2005 से शिक्षक गिरीश पंड्या व विद्यार्थियों द्वारा लगाए गए फलदार पौधे बड़े होकर हरियाली फैला रहे है। पंड्या ने बताया कि 15 साल पूर्व यह पहल की थी। शुरू से ही पर्यावरण के प्रति लगाव के कारण विद्यार्थियों के सहयोग से 50 फलदार पौधे लगाए थे। उस वक्त विद्यालय में चारदीवारी नहीं थी, इसलिए पौधों की सुरक्षा के लिए झाडिय़ों की बाड़ लगवाई थी। विद्यार्थी ग्रुप बनाकर इन पेड़ों की सुरक्षा करते हैं। गांव के युवाओं और ग्रामीणों से पूरा सहयोग मिला। उनका यह काम सभी के लिए एक मिसाल बन गया। आम, आंवला, अमरूद, जामुन, संतरा, मौसमी, रुद्राक्ष, अशोक आदि पौधे लगाए गए है। इधर, ग्रामीण वालम गणावा ने बताया कि शिक्षक गिरीश पंड्या और शिक्षिका उषा की मेहनत से स्कूल में हरियाली आई है। गर्मी की छुट्टियों में भी 3 दिनों में एक बार पंड्या पेड़-पौधों को पानी पिलाने अवश्य आते है, जिसकी वजह से सभी पेड़ जीवित है।
Published on:
05 Jun 2020 05:01 pm
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