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Video : बांसवाड़ा : भील समाज का पहला सामूहिक विवाह, बदलाव के संदेश के साथ 6 जोड़ों ने थामा एक-दूजे का हाथ

भील समाज: फिजूल खर्च दरकिनार, वैदिक रीति से बसाया घर संसार

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banswara

बांसवाड़ा : भील समाज का पहला सामूहिक विवाह, बदलाव के संदेश के साथ 6 जोड़ों ने थामा एक-दूजे का हाथ

बांसवाड़ा. कुशलगढ़. विवाहोत्सव में दिखावे को छोड़ दहेज के लेनदेन से दूर सामूहिक विवाह का चलन सभी समाजों में बढ़ रहा है। इसी कड़ी में अब भील समाज का भी नाम जुड़ गया है। भील समाज ने जिले में पहली बार 6 जोड़ो का सामूहिक विवाह का सफल आयोजन कर भील समाज में बदलाव का संदेश दिया है। भील समग्र विकास परिषद के तत्वावधान में वाल्मीकि आश्रम मोर में आयोजित इस समारोह में कान फोडू डीजे के स्थान पर पारम्परिक ढोल मंजीरों की मधुर धुनों के बीच वैदिक ऋचाओं की गूंज सुनाई दी।

एक दूल्हे के दूसरे दूल्हे की शादी में नहीं जाने, एक साथ दो विवाह नहीं करने की रीत का भी इस समाज ने परित्याग किया और छ: दूल्हे सज संवरकर एक साथ हवन कुण्डों के समक्ष परिजनों के साथ बैठे तो समाज के वरिष्ठजनों ने भी आशीर्वाद के लिए हाथ बढ़ाए। परिषद के कार्यकर्ताओं ने सामूहिक कन्यादान का पुण्यार्जन किया वहीं अपने ही घर से बेटी को विदा करने की परिपाटी छोड़ माता पिता ने भी सामूहिक विवाह में कन्यादान किया।

न हलवाई आया न वेटर
विवाह आयोजन में हलवाई से लेकर वेटर तक की आवश्यकता नहीं पड़ी। समाज के पुरुषों व महिलाओं ने ही रसोई संभाली सादगी भरे भोजन में पुड़ी, दाल चावल, बंूदी पकाई गई तो परोसने के लिएं युवाओ ने मोर्चा संभाला व पंगत में बैठकर भोजन का स्वाद लिया।

जनवरी 2019 में 33 जोड़े
भील समग्र विकास परिषद अध्यक्ष जोरजी कटारा व संयोजक मांगीलाल वसुनिया ने बताया कि फिजूलखर्ची को रोकने व सादगी को दृष्टिगत सामूहिक विवाह को बढ़ावा देने का प्रयास कर रहे हैं जनवरी 2019 में अगला सामूहिक विवाह समारोह होगा। इसके लिए समाज के 33 जोड़ो के नाम आ चुके हैं। सामूहिक आयोजन से किसी भी परिवार पर आर्थिक बोझ नहीं पड़ता। परिषद दो वर्षों से विभिन्न कमेटियां बना शादी समारोह में शराबबंदी, मांसाहार, नोतरा, डीजे आदि पर रोक लगाने के लिए जाग्रत कर रही है।

ये रहे उपस्थित
संसदीय सचिव भीमा भाई डामोर के मुख्य आतिथ्य में आयोजित इस समारोह में वनवासी कल्याण परिषद के जिलाध्यक्ष विजयसिंह देवदा,ग्रामीण मण्डल अध्यक्ष कानहींग रावत,दलसुखगिरि महाराज,बीईईओ जीतमल पणदा,तेरचंद अड, देवीलाल डामोर, धमेन्द्र अड, थावरचंद कटारा, वेस्ता वसूनिया, भास्कर निनामा, वरसिंह मुनिया, कैलाश बारोठ, तेनसिंह बारिया, रतन मईड़ा, मांगीलाल वसुनिया,हरलाल निहरता आदि उपस्थित थे।