
Video : Banswara : Lady Borned three Child
किसी ने सच ही कहा है जाको राखे साईयां मार सके न कोय। और यह बात चरितार्थ हुई है बांसवाड़ा जिले के महात्मा गांधी अस्पताल में। जहां मंगलवार को मानो कुदरत का करिश्मा हुआ हो।
शरीर में पर्याप्त से भी कम हिमोग्लोबीन के बाद भी महिला ने तीन बच्चों को जन्म दिया और सभी सकुशल हैं। जन्मे बच्चों में दो बेटे और एक बेटी है। कुदरत ने यह खुशियां कुशलगढ़ उपखंड के पाली छोटी गांव की महिला पंगली (25) पत्नी कालू की झोली में डाली है।
जिस वक्त पंगली को उसके परिजन महात्मा गांधी चिकित्सालय लेकर पहुंचे। उस समय उन्होंने भी नहीं सोचा था कि एक साथ तीन मेहमान घर में आएंगे। पंगली का प्रसव काल पूरा होने में समय था।
लेकिन दर्द को देखते हुए उसे अस्पताल लाया गया। पंगली के शरीर में रक्त भी पर्याप्त नहीं था, जिससे डॉक्टरों के सामने भी एक चुनौती थी कि 3 ग्राम हिमोग्लोबीन में किस प्रकार डिलीवरी कराई जाए। लेकिन चिकित्सक ने पंगली का सामान्य प्रसव कराने में सफलता पाई।
बच्चों का वजन कम
तीनों बच्चों की हालत सामान्य है लेकिन एक लड़के का वजन 1.150 ग्राम, दूसरे लड़के का वजन 1.220 ग्राम और लड़की का वजन 1.450 ग्राम है, जो सामान्य से काफी कम है। एक नवजात का आदर्श वजन ढाई किलो माना जाता है।
इस स्थिति में तीनों बच्चों को चिकित्सालय के एसएनसीयू वार्ड में वार्मर में रखा गया है। इधर मां की भी तबियत सामान्य है और उसकी रक्त की कमी को पूरा किया जा रहा है। ब्लड बैंक से डॉक्टर प्रवीण गुप्ता और रेड ड्रॉप इंटरनेशनल से राहुल सराफ ने पंगली के लिए रक्त की उपलब्धता कराई। पंगली का विवाह करीब 5 साल पहले हुआ था। उसके एक बच्ची पहले से है।
Published on:
04 Jul 2017 08:39 pm
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