
बच्चू यादव ने पुलिस से की शिकायत, PC- Patrika
बाराबंकी : उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने आधुनिक भारत के रसोई घर और मध्यमवर्गीय परिवारों के भीतर पनप रहे आर्थिक तनाव को उजागर कर दिया है। यहां एक पत्नी ने 'चूल्हे के धुएं' से तंग आकर पति से गैस सिलिंडर भरवाने की जिद की, और जब मांग पूरी नहीं हुई, तो वह अपने पांच महीने के मासूम बच्चे के साथ घर छोड़कर चली गई।
मामला घुंघटेर थाना क्षेत्र के बौधनी मजरे खटौली गांव का है। यहां के निवासी अनिल कुमार, जो एक प्राइवेट कंपनी में नाइट ड्यूटी करते हैं, सोमवार सुबह जब काम से लौटे तो घर में चूल्हा ठंडा पड़ा था। भूख से बेहाल अनिल ने जब पत्नी सुमन देवी (29) से खाना न बनने का कारण पूछा, तो जवाब ने गृहस्थी की नींव हिला दी। सुमन का स्पष्ट कहना था- 'अब चूल्हे पर लकड़ियों से खाना नहीं बनाऊंगी, पहले गैस सिलिंडर भरवा कर लाओ।'
महंगाई के इस दौर में सिलिंडर भरवाने के खर्च को लेकर दोनों के बीच तीखी बहस हुई। विवाद के बाद थका-हारा अनिल सो गया, लेकिन जब शाम 4 बजे उसकी नींद खुली, तो सुमन अपने पांच महीने के बेटे, कुछ कपड़ों और घर में रखे मात्र 1000 रुपये लेकर लापता हो चुकी थी।
यह घटना केवल एक पारिवारिक झगड़ा नहीं, बल्कि ग्रामीण इलाकों में गहराते 'एलपीजी क्राइसिस' (LPG Crisis) की हकीकत बयां करती है। सरकार ने 'उज्ज्वला योजना' के जरिए घर-घर सिलिंडर तो पहुंचा दिए, लेकिन बढ़ती कीमतों और रिफिलिंग के बढ़ते खर्च ने कई परिवारों के लिए इसे 'सफेद हाथी' बना दिया है।
ग्रामीण परिवेश में महिलाएं अब लकड़ी के धुएं और उससे होने वाली बीमारियों से आजादी चाहती हैं, लेकिन पति की सीमित आय (जैसे अनिल जो प्राइवेट कंपनी में मामूली वेतन पर काम करता है) सिलिंडर के बढ़ते दामों का बोझ नहीं उठा पा रही। यह घटना दर्शाती है कि कैसे रसोई की गैस अब केवल ईंधन नहीं, बल्कि पारिवारिक कलह और अलगाव का कारण बन रही है।
पिछले तीन दिनों से अनिल अपनी पत्नी और बच्चे को रिश्तेदारों और पड़ोसी जिलों (सीतापुर और आसपास के गांवों) में ढूंढ रहा है, लेकिन कहीं कोई सुराग नहीं मिला। बिलखते हुए अनिल ने अपील की है, 'मुझसे जो भी गलती हुई, उसे माफ कर दो, बस एक बार घर वापस लौट आओ।'
थाना प्रभारी बेचू यादव के अनुसार, पति की शिकायत पर गुमशुदगी का मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस सर्विलांस और मुखबिरों की मदद से सुमन की लोकेशन ट्रेस करने की कोशिश कर रही है। 5 महीने के बच्चे की सुरक्षा को लेकर भी पुलिस और परिजन खासे चिंतित हैं।
Updated on:
22 Mar 2026, 4:32 PM IST
Published on:
22 Mar 2026, 4:32 PM IST
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