
सांसद चंद्रशेखर।
बाराबंकी : चंद्रशेखर की सभा में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक युवक अचानक मंच पर पिस्टल लगाकर चढ़ गया। वह चंद्रशेखर से बस कुछ दूरी पर ही था। लेकिन, तभी सुरक्षाकर्मियों ने उसे देख लिया और शक के चलते युवक को मंच के नीचे उतार दिया। इसके बाद युवक को जनसभा से बाहर निकाल दिया गया।
युवक के जनसभा से जाते वक्त मीडिया कर्मचारियों ने उससे सवाल पूछा तो उसने बताया कि मेरा नाम अमित कुमार है। मैं हेड कांस्टेबल हूं और पुलिस लाइन में तैनात हूं। युवक जनसभा के दौरान सादी वर्दी में था। प्रशासन ने चंद्रशेखर की रैली में करणी सेना की धमकी को देखते हुए सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए थे। सीओ ने बताया कि अमित कुमार को सादी वर्दी में ड्यूटी पर लगाया गया था।
चंद्रशेखर ने कहा कि भाजपा से लोग डरे नहीं, वह हमारे साथ आएं और 2027 में हम अपनी सरकार बनाएंगे। चंद्रशेखर ने आगे कहा कि अयातुल्लाह खामेनेई भी बाराबंकी की धरती से ही आते हैं उन्होंने डर का रास्ता नहीं चुना और अमेरिका-इजराइल के सामने नहीं झुके। उन्होंने शहादत को कबूल किया।
चंद्रशेखर ने आगे कहा कि मेरी लोकसभा सीट नगीना में 5 सीटों हैं लेकिन, वहां की पांचों विधानसभाओं में भाजपा को धूल चटाई गई, वही इतिहास अब पूरे उत्तर प्रदेश में दोहराया जाएगा। उन्होंने भाईचारे के दम पर सरकार बदलने का भरोसा जताया।
डॉ. भीमराव अंबेडकर और कांशीराम साहब को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा उन्हें अपना बताने के सवाल पर चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि महापुरुष किसी एक जाति, वर्ग या राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं होते। उनका योगदान पूरे समाज और देश के लिए होता है।
उन्होंने यह भी कहा कि असली सवाल यह है कि 2006 से लेकर 2026 तक इन पार्टियों को इन महापुरुषों की याद क्यों नहीं आई। चंद्रशेखर का दावा है कि जब से आजाद समाज पार्टी ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया है, तभी से दूसरे राजनीतिक दल भी कांशीराम साहब को अपना बताने की होड़ में लग गए हैं।
Published on:
15 Mar 2026 08:41 pm
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