मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बाराबंकी की रामनगर तहसील के हेतमापुर में बाढ़ पीड़ितों का हाल जानने और उन्हें राहत सामग्री वितरित करने आये थे।
बाराबंकी. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को बाराबंकी में बाढ़ पीड़ितों का हाल जानने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कहा कि किसी भी बाढ़ पीड़ित को कोई भी तकलीफ नही होने दी जाएगी। सरकार ने बाढ़ पीड़ितों को राहत पहुंचाने के लिए पैसा जारी कर दिया है। अब उनके लिए सिर्फ राहत ही नहीं बल्कि स्थायी समाधान का रास्ता भी खोजा जा रहा है। मुख्यमंत्री के इस कार्यक्रम के समापन के साथ ही स्थानीय ग्रामीणों ने प्रदर्शन शुरू कर घाघरा नदी पर पुल के की मांग कर डाली।
पीड़ितों से मिलने पहुंचे योगी
प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को बाराबंकी की रामनगर तहसील के हेतमापुर में बाढ़ पीड़ितों का हाल जानने और उन्हें राहत सामग्री वितरित करने आये हुए थे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ के संकट से जूझ रहे किसी भी ग्रामीण को राहत से वंचित नहीं होने दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिनके पास घर नहीं है उनको प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत चिन्हित करके आवास उपलब्ध कराया जाएगा। जानवरों के चारे का भी प्रशासन प्रबन्ध करेगा और आगे बाढ़ की स्थिति न उत्पन्न हो इसके लिए भी रास्ते खोजे जाएंगे।
पीड़ितों का दर्द मेरा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बाढ़ पीड़ितों के लिए प्रशासन समुचित प्रकाश व्यवस्था और बीमार को उचित उपचार की व्यवस्था करेगा। इसके लिए सरकार ने धन जारी कर दिया है। अब किसी भी बाढ़ पीड़ित को इससे वंचित नहीं होने दिया जाएगा। बाढ़ पीड़ितों का दर्द हम अपना दर्द मान कर चल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने वहां पर उपस्थित ग्रामीणों को बाढ़ राहत सामग्री भी बांटी।
ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
वहीं मुख्यमंत्री का कार्यक्रम खत्म होते ही स्थानीय ग्रामीणों ने अपना प्रदर्शन शुरू कर दिया और नारेबाजी करने लगे। प्रदर्शन कर रहे स्थानीय ग्रामीण आशीष कुमार ने बताया कि हम पिछले चार सालों से घाघरा नदी पर पुल की मांग कर रहे हैं। मगर यह पुल अभी तक फाइलों से बाहर नही आया है। हमने मुख्यमंत्री जी को ज्ञापन देकर शीघ्र पुल के निर्माण का रास्ता प्रशस्त करने की मांग की है। इस पुल के बन जाने से बहराइच, गोण्डा, श्रावस्ती और नेपाल तक की यात्रा ग्रामीणों के लिए सुगम हो जाएगी।