
कोरोना काल में महिलाओं के लिए संजीवनी साबित हुई प्रधानमंत्री मातृत्व वन्दना योजना
बाराबंकी. कोविड-19 के दौर में कमजोर लोगों के आर्थिक स्थिति पर सीधे तौर पर असर पड़ा है। ऐसे में पहली बार गर्भवती होने वाले महिलाओं के कल्याण के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से कल्याणकारी योजना मातृत्व वन्दना योजना चलायी जा रही है। जो अब महिलाओं के लिये वरदान साबित हो रही है।
जिला कार्यक्रम प्रबन्धक अम्बरीश द्विवेदी ने बताया कि योजना का मुख्य उद्देश्य गर्भवती व गर्भस्थ शिशु को पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराना है। योजना में पहली बार मां बनने पर गर्भवती महिला के खाते में तीन किश्तों में पांच हजार रूपये दिये जाते हैं। इस धन से महिला पर्याप्त मात्रा में आहार ले सकें।
जनवरी 2017 से अब तक जिले में 45 हजार लाभार्थी
डीपीएम के अनुसार प्रधानमंत्री मातृत्व वन्दना योजना के तहत क्रियान्वयन की अवधि से अब तक स्थानीय जनपद में 45 हजार महिलाओं को लाभ मिल चुका है। जिस पर विभाग ने 17.70 करोड़ रूपये खर्च किये है। इसके अलावा कोरोना 19 के दौरान अप्रैल 2020 से अगस्त 2020 तक लगभग 3 हजार महिलाओं को लाभ दिया गया है। इसपर विभाग द्वारा 1.81 करोड़ खर्च किये गये है। इस योजना के अन्तर्गत गर्भवती महिलाओं एवं धात्री माताओं को तीन चरणों में 5000 रूपये की धनराशि मानदेय के रूप में दी जाती है।
तीन किश्तों में दिये जाते हैं पांच हजार रूपये
डीसीपीएम सुरेन्द्र कुमार ने बताया कि योजना के तहत पहली बार मां बनने वाली महिलाओं को पोषण के लिए पांच हजार रूपये का लाभ तीन किश्तों में दिया जाता है। पंजीकरण कराने के साथ गर्भवती को पहली किश्त के रूप में 1000 रूपये दिये जाते है। प्रसव पूर्व कम से कम एक जांच होने पर गर्भावस्था के छह माह बाद दूसरी किश्त के रूप में 2000 रूपये और बच्चे के जन्म का पंजीकरण होने और बच्चे के प्रथम चरण का टीकाकरण पूर्ण होने पर तीसरी किश्त के रूप में 2000 दिये जाते है।
देवा ब्लॉक क्षेत्र निवासिन रिहाना बानो ने बताया कि मुश्किल की धड़ी में प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के तहत गर्भावस्था के कठिन समय में अतिरिक्त पोषण एवं भोजन की आवश्यकता होती है। इस परिस्थित में स्वास्थ्य विभाग के योजना के तहत 5000 रूपये के रूप में बड़ी आर्थिक सहायता मिली। जिससे भोजन व पोषण युक्त भोजन लेेने में आसानी हुई।
योजना का लाभ कैसे मिल रहा है
जिले के समस्त सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर तैनात प्रभारी चिकित्साधिकारियों की निगरानी में गांव व वार्ड की आशा कार्यकर्ता, आशा संगिनी, एएनएम, के माध्यम से भरा जाता है। लाभार्थियों को इस योजना का लाभ पाने के लिए मुख्य रूप से मातृ एवं शिशु, सुरक्षा कार्ड, आधार कार्ड व पासबुक की छाया प्रति फार्म भरते समय जमा करना होता है।
Published on:
27 Aug 2020 10:33 am
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