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सात नए जीएसएस से रोशन होंगे क्षेत्र के 45 गांव

परियोजना के क्रियान्वयन से हजारों कृषि उपभोक्ताओं को बेहतर एवं स्थिर विद्युत आपूर्ति उपलब्ध होगी। वहीं घरेलू उपभोक्ताओं को भी निर्बाध बिजली सुविधा प्राप्त होगी तथा तकनीकी हानियों में कमी आएगी।

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बारां

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Mukesh Gaur

Jan 05, 2026

परियोजना के क्रियान्वयन से हजारों कृषि उपभोक्ताओं को बेहतर एवं स्थिर विद्युत आपूर्ति उपलब्ध होगी। वहीं घरेलू उपभोक्ताओं को भी निर्बाध बिजली सुविधा प्राप्त होगी तथा तकनीकी हानियों में कमी आएगी।

बारां. जीएसएस का ​शिलान्यास करते ऊर्जामंत्री हीरालाल नागर। पत्रिका

ऊर्जामंत्री नागर ने किया शिलान्यास, योजना पर आई 23.22 करोड़ की लागत

बारां. किशनगंज विधानसभा क्षेत्र के केलवाड़ा में रविवार को ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने सात 33 केवी ग्रिड सब-स्टेशनों (जीएसएस) का शिलान्यास किया। प्रदेश सरकार की ओर से इन परियोजनाओं पर कुल 23 करोड़ 22 लाख रुपए व्यय किए जाएंगे। नागर ने कहा कि केलवाड़ा शाहाबाद क्षेत्र में बिजली के मामले में जितना काम पिछले 70 सालों में नहीं हुआ, उससे कई अधिक इन 5 सालों में होगा। उन्होंने विधायक ललित मीणा के कार्यों की तारीफ करते हुए कहा कि यह इस क्षेत्र में विकास के लिए लगातार प्रयास करते है। किसानों को रात के समय बिजली दिलाने के लिए प्रयास करते है। इस क्षेत्र में विद्युत प्रसारण निगम के पिछले 70 सालों में तीन जीएसएस बने है और केवल दो वर्षों के कार्यकाल में ही इन्होंने 218 करोड़ के चार नए जीएसएस स्वीकृत करवाएं है। इसके अलावा 23 करोड़ के 7 नए जीएसएस का आज शिलान्यास किया है। अभी करीब साढ़े तीन हजार करोड़ की परियोजना पर काम चल रहा है। इससे केलवाड़ा ही नहीं पूरे हाड़ौती क्षेत्र में लाभ मिलेगा। समारोह में विधायक ललित मीणा ने भी संबोधित करते हुए सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी।

वोल्टेज सुधरेगा

इन नए 33 केवी जीएसएस के माध्यम से सिमलोद, दुर्जनपुरा, सुवास, छीनोद, संदोकड़ा, धुआं (सुखा सेमली) एवं बांसथूनी क्षेत्र के कुल 45 गांवों को प्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलेगा। इससे वोल्टेज स्तर में सुधार होगा तथा ओवरलोङ्क्षडग में कमी आएगी तथा विद्युत आपूर्ति प्रणाली की विश्वसनीयता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। साथ ही प्रति वर्ष लगभग 61 लाख 98 हजार यूनिट विद्युत की बचत होने का अनुमान है। परियोजना के क्रियान्वयन से हजारों कृषि उपभोक्ताओं को बेहतर एवं स्थिर विद्युत आपूर्ति उपलब्ध होगी। वहीं घरेलू उपभोक्ताओं को भी निर्बाध बिजली सुविधा प्राप्त होगी तथा तकनीकी हानियों में कमी आएगी। जेवीवीएनएल के अधीक्षण अभियंता एम.एन. बिलोटिया ने बताया कि इन सभी ग्रिड सब-स्टेशनों के कार्यों को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे, ताकि आमजन को शीघ्र लाभ मिल सकेंगी। इस दौरान विधायक ललित मीणा भी शिलान्यास कार्यक्रम में मौजूद रहे।

तंत्र में होगा सुधार

विधायक ललित मीणा ने बताया कि ऊर्जा मंत्री नागर 2.92 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले सिमलोद जीएसएस, 3.06 करोड रुपए की लागत से दुर्जनपुरा जीएसएस, 3.28 करोड़ रुपए की लागत से प्रस्तावित सुवास जीएसएस, 3.19 करोड रुपए की लागत से बनने वाले छीनोद जीएसएस, 4.88 करोड रुपए की लागत से संदूकड़ा, 3.49 करोड रुपए की लागत से दुआ में प्रस्तावित जीएसएस और 2.40 करोड़ रुपए की लागत से बांसथूनी में बनने वाले नवीन जीएसएस का शिलान्यास किया गया। सभी जीएसएस के निर्माण के लिए भूमि आवंटित होकर कार्यादेश जारी हो चुके हैं। इनके निर्माण के बाद ट्रांसमिशन छीजत में कमी होने से विद्युत विभाग को प्रतिवर्ष 61.98 लाख यूनिट बिजली की बचत होगी।


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