
जिला चिकित्सालय स्थित पालनागृह में शनिवार सुबह किलकारी गूंजी। अज्ञात मां तीन दिन के नवजात बेटे को लावारिश हालत में शिशु पालना गृह के नजदीक छोड़कर चली गई। बाद में चिकित्सालय के कर्मचारियों ने उसे शिशु गहन चिकित्सा इकाई में भर्ती किया। उपचार के बाद पुलिस व बाल कल्याण समिति के माध्यम से नवजात को कोटा स्थित राजकीय शिशु गृह नान्ता, कोटा में दाखिल कराया गया है। शिवरात्रि पर्व होने से समिति की ओर से त्रिकाल नाम दिया गया है।
दो वर्ष में दो शिशु मिले
बाल कल्याण समिति सदस्य मदन मोहन सिंह सिसोदिया व महेश सेन ने बताया कि कोतवाली पुलिस ने शिशु को समिति के समक्ष पेश किया। इसके बाद समिति अध्यक्ष भगवान प्रसाद दाधीच की अध्यक्षता में सर्वसम्मत प्रस्ताव लेकर उपचार के बाद शिशु को राजकीय शिशु गृह नान्ता भेजा गया।
उन्होंने बताया कि जिला चिकित्सालय में करीब दो वर्ष पहले यह व्यवस्था शुरू की गई थी। इस दौरान अब तक शनिवार को दूसरा शिशु मिला है। इससे पहले करीब आठ माह पूर्व एक बालिका मिली थी। कोतवाली पुलिस ने चिकित्सालय के सुरक्षाकर्मी दीपक नायक की रिपोर्ट पर मामला दर्ज किया है। पुलिस ने बताया कि सुबह करीब सात बजे डिलेवरी वार्ड की बाई सुनीता हरिजन ने सबसे पहले शिशु को बिलखते हुए देखा तथा उसकी जानकारी वहां तैनात सुरक्षाकर्मी दीपक नायक को दी। बाद में उन्होंने नवजात को एफबीएनसी वार्ड में भर्ती कराया। इसके बाद बाल कल्याण समिति को रिपोर्ट दी गई।
Published on:
26 Feb 2017 02:26 pm
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