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हैंडपम्पों के सूखे कंठ , बच्चों को घर से लाना पड़ता है पानी
प्रारंभिक शिक्षा के अधीन स्कूलों में नहीं पानी की पर्याप्त व्यवस्था
बारां. गर्मी आते ही प्रारंभिक शिक्षा के अधीन सरकारी स्कूलों के छात्र-छात्राओं के कंठ सूख जाते हैं। कहने को सभी सरकारी स्कूलों में हैंडपंप हैं लेकिन ज्यादातर हैंडपंपों से पानी आता ही नहीं है। आता है तो गंदा बदबूदार। छात्र-छात्राओं को मजबूरी में घर से पानी लेकर आना पड़ता है। कई बार पानी खत्म होने पर छात्र-छात्राएं आस-पास के घरों से पानी लेकर आते हैं। जिले भर में 935 प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों में हैंडपंप लगे हैं। इनमें से आधे स्कूलों में हैंडपंपों का जलस्तर नीचे चला गया है। कई स्कूल ऐसे भी हैं, जहां हैंडपंपों का जलस्तर ठीक है लेकिन हैंडपंप लम्बे समय से खराब पड़े हैं।
मजबूरी में देनी पड़ती है छुट्टी
संस्था प्रधानों ने कहा कि कई बार पानी नहीं मिलने पर छात्र-छात्राएं अवकाश मांगते हैं। मजबूरी में उन्हें अनुमति देनी पड़ती है। अवकाश देने के बाद निरीक्षण के लिए अधिकारियों के स्कूल आने का भय बना रहता है।
जलदाय विभाग को भेजा प्रस्ताव
सर्व शिक्षा अभियान की ओर से 45 खराब हैंडपंप सही कराने के लिए जलदाय विभाग को प्रस्ताव बनाकर भेजा है। इनमें 24 अटरू, 15 छबड़ा, 4 अंता व 2 छीपाबड़ौद मे हैं। अब हैंडपम्प दुरूस्त होने का इंतजार है।
& जिन स्कूलों में हैंडपंप खराब हैं। उन्हें सही कराने के लिए जलदाय विभाग को पत्र लिखा गया है। जल्द ही हैंडपंप सही करा दिए जाएंगे।
रामनारायण मीणा, कार्यवाहक डीईओ, प्रारंभिक
ब्लॉक स्कूल
अंता 116
अटरू 107
बारां 87
छबड़ा 163
छीपाबड़ौद 175
किशनगंज 156
शाहबाद 131
बारां. शहर समेत जिले में रविवार को उमस से लोगों का बुरा हाल रहा। अधिकांश समय तेज धूप निकली तो कुछ देर बादल भी छाए। अधिकतम तापमान ३९ व न्यूनतम २८ डिग्री सेल्सियस रहा। इस दौरान शहर के कुछ क्षेत्रों में बिजली की आंख-मिचौली का सिलसिला बना रहा।
(पत्रिका संवाददाता)
Published on:
25 Jun 2018 06:41 pm
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