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खुशखबर : रियासतकालीन पार्वती नहर के सुदृढ़ीकरण की राह खुली

डायवर्जन सिस्टम को भी मिलेगा संबल, 30 धोरे पक्के होंगे : राज्य सरकार के 241.25 करोड़ के बजट को प्रस्ताव को मिली हरी झंडी

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बारां

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Mukesh Gaur

Jun 23, 2023

खुशखबर : रियासतकालीन पार्वती नहर के सुदृढ़ीकरण की राह खुली

खुशखबर : रियासतकालीन पार्वती नहर के सुदृढ़ीकरण की राह खुली

बारां. अतिरिक्त मुख्य सचिव जल संसाधन एवं इन्दिरा गांधी नहरी परियोजना डॉ. सुबोध अग्रवाल की अध्यक्षता में गुरुवार को जयपुर में स्टेट लेवल एम्पावर्ड स्टैडिंग कमेटी (एसएलईसी) की बैठक में 432.22 करोड़ रुपए के 13 कार्यों की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति जारी की गई है। इनमें बारां जिले की रियासतकालीन पार्वती कैनाल की नहर भी शामिल है। इसके सुदृढीकरण पर 241.25 करोड़ रुपए खर्च होंगे। पार्वती कैनाल के नहरी तंत्र की मरम्मत से बारां, अटरू व मांगरोल तहसीलों के 57 गांवों के किसानों को लाभ मिलेगा। स्वीकृत कार्य मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की बजट घोषणा में शामिल हैं। इन कार्यों के पूरा होने से सिंचाई सुविधाओं का विस्तार होने के साथ ही पेयजल की उपलब्धता भी बढ़ेगी। जल संसाधन विभाग के अधिशासी अभियंता खंड प्रथम बृजेश वर्मा ने बताया कि इस मुख्य नहर की रजवा व पीलिया वितरिकाओं के अलावा 60 माइनर हैं। इससे बारां, अटरू व मांगरोल के 57 गांवों की 12547 हैक्टेयर में सिंचाई सुविधा मिलती है। अब इस नहर के जीर्णोद्यार के लिए 241 करोड़ से अधिक का बजट मिलने से डायवर्जन चैनल किशनपुरा बंधा को मजबूत किया जाएगा। इसके अलावा 30 धोरों को पक्का किया जाएगा। इससे नहर के टूटने का अंदेशा कम होगा तथा किसानों को सिंचाई के भरपूर पानी मिल सकेगा। इस कार्य के लिए अब निविदाएं आमिन्त्रत की जाएंगी।

1882 में शुरू हुई थी
यह नहर पार्वती नहर 1882 में अस्तित्व में आई थी। तब यह छोटा तंत्र था। 1941 में इसका जीर्णोद्धार हुआ। इससे बारां, अटरू व मांगरोल तहसील के पांच दर्जन गांवों में सिंचाई होने लगी। इस नहर की माइनरों के कच्चा होने से किसानों को सिंचाई का पर्याप्त लाभ नहीं मिल पा रहा। यह ऐसी नहर है जो पार्वती नदी के पानी के डायवर्जन से संचालित होती है। इससे किसानों को खरीफ की फसल के लिए पानी मिलता ही है, रबी के लिए पलेवा भी हो जाता है। बरसों पुरानी मांग होगी पूरी इस नहर के जीर्णोद्यार की मांग क्षेत्र के किसान प्रमुखता से उठाते रहे हैं। अब राशि मंजूर होने से किसानों की मांग पूरी हो सकेगी। वहीं जिले के सिंचाई तंत्र का भी सुदृढ़ीकरण होगा। जल संसाधन विभाग के एक्सईएन वर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री की बजट घोषणा के बाद ही इस नहरी तंत्र को सुदृढ़ करने का प्रस्ताव तैयार कर उच्चाधिकारियों को भिजवा दिया था।