26 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

OMG! हजारों किसान जिस टंकी का पानी पी रहे उनमें मिले बिल्ली, चमकादड़ व मरे हुए चुहे…

कृषि उपज मंडी में शुक्रवार दोपहर को पेयजल टंकियों में मरी हुई बिल्ली, चमगादड़ व चूहे निकलने से करीब पौन घंटे तक हंगामा मचा रहा।

2 min read
Google source verification

image

Shailendra Tiwari

Jun 03, 2017

कृषि उपज मंडी में शुक्रवार दोपहर को पेयजल टंकियों में मरी हुई बिल्ली, चमगादड़ व चूहे निकलने से करीब पौन घंटे तक हंगामा मचा रहा। इससे आक्रोशित मुनीमों, हम्मालों, किसानों व कई व्यापारियों ने तीन पेयजल टंकियों में तोडफ़ोड़ कर आग लगा दी। इस दौरान मंडी समिति का कोई भी अधिकारी व कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा।

Read More: नशीला पदार्थ खिला कर यात्रियों को लूटने वाला आया पुलिस के शिकंजे में

बाद में मुनीम संघ की ओर से एडीएम को ज्ञापन देकर व्यवस्था में सुधार की मांग की। ज्ञातव्य है कि कुछ दिन पहले भी मंडी में दूषित पेयजल की आपूर्ति को लेकर मुनीम संघ ने आक्रोश जताते हुए प्रदर्शन किया था, लेकिन मंडी प्रशासन ने इस समस्या के समाधान पर ध्यान नहीं दिया।

Read More: तिरंगे के अपमान के मामले में दुकानदार को भेजा जेल

ऐसे हुई शुरुआत

मंडी में दोपहर को मुनीम राहुल पंवार ने एक पेयजल टंकी से पानी पिया था। इसके बाद उसका जी मिचलाने लगा। उसने जब यह जानकारी साथी मुनीमों को दी तो उन्हें पानी पर संदेह हुआ।

Read More: मास्टर प्लान, ग्रीन बेल्ट और तालाब का गला घोंट कर तन गई अनंतपुरा बस्ती

इसके बाद कुछ मुनीम पानी देखने के लिए टंकी पर जा चढ़े। उन्होंने टंकी में मरे हुए जानवर दिखाई दिए। इसकी जानकारी उन्होंने नीचे खड़े अन्य साथियों को दी। इसके बाद मुनीम व हम्माल डाक छोड़ वहां एकत्रित हो गए तथा उन्होंने जमकर गुस्सा दिखाया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि ऐसे दूषित पानी को पीने से जान भी जा सकती है।

फिर शुरू हुई तोडफ़ोड़

मंडी में शुद्ध पेयजल के बंदोबस्त करने की मांग तथा अधिकारियों को मौके पर बुलाने के लिए अड़े प्रदर्शनकारियों का आक्रोश तब फूट पड़ा जब लम्बे इंतजार के बाद भी मंडी समिति का कोई भी नुमाइंदा मौके पर नहीं पहुंचा। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने एक के बाद एक कर तीन पेयजल टंकियों को नीचे गिरा दिया तथा उनमें तोडफ़ोड़ कर आग लगा दी।

Read More: Video: आचार्य का विवादित बयान: नोटों पर गांधी का ही चित्र क्यों, प्रताप का क्यों नहीं

आज मैं पेशी के लिए कोटा आया था, जैसे ही हंगामे की जानकारी मिली, अधीनस्थ कर्मचारियों को अविलम्ब टंकियों की सफाई के निर्देश दिए। वैसे मंडी समिति टंकियों की सफाई करवाती है। मामले में किसी कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

जवाहरलाल नागर, मंडी सचिव बारां

ये भी पढ़ें

image