
कृषि उपज मंडी में शुक्रवार दोपहर को पेयजल टंकियों में मरी हुई बिल्ली, चमगादड़ व चूहे निकलने से करीब पौन घंटे तक हंगामा मचा रहा। इससे आक्रोशित मुनीमों, हम्मालों, किसानों व कई व्यापारियों ने तीन पेयजल टंकियों में तोडफ़ोड़ कर आग लगा दी। इस दौरान मंडी समिति का कोई भी अधिकारी व कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा।
बाद में मुनीम संघ की ओर से एडीएम को ज्ञापन देकर व्यवस्था में सुधार की मांग की। ज्ञातव्य है कि कुछ दिन पहले भी मंडी में दूषित पेयजल की आपूर्ति को लेकर मुनीम संघ ने आक्रोश जताते हुए प्रदर्शन किया था, लेकिन मंडी प्रशासन ने इस समस्या के समाधान पर ध्यान नहीं दिया।
ऐसे हुई शुरुआत
मंडी में दोपहर को मुनीम राहुल पंवार ने एक पेयजल टंकी से पानी पिया था। इसके बाद उसका जी मिचलाने लगा। उसने जब यह जानकारी साथी मुनीमों को दी तो उन्हें पानी पर संदेह हुआ।
इसके बाद कुछ मुनीम पानी देखने के लिए टंकी पर जा चढ़े। उन्होंने टंकी में मरे हुए जानवर दिखाई दिए। इसकी जानकारी उन्होंने नीचे खड़े अन्य साथियों को दी। इसके बाद मुनीम व हम्माल डाक छोड़ वहां एकत्रित हो गए तथा उन्होंने जमकर गुस्सा दिखाया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि ऐसे दूषित पानी को पीने से जान भी जा सकती है।
फिर शुरू हुई तोडफ़ोड़
मंडी में शुद्ध पेयजल के बंदोबस्त करने की मांग तथा अधिकारियों को मौके पर बुलाने के लिए अड़े प्रदर्शनकारियों का आक्रोश तब फूट पड़ा जब लम्बे इंतजार के बाद भी मंडी समिति का कोई भी नुमाइंदा मौके पर नहीं पहुंचा। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने एक के बाद एक कर तीन पेयजल टंकियों को नीचे गिरा दिया तथा उनमें तोडफ़ोड़ कर आग लगा दी।
आज मैं पेशी के लिए कोटा आया था, जैसे ही हंगामे की जानकारी मिली, अधीनस्थ कर्मचारियों को अविलम्ब टंकियों की सफाई के निर्देश दिए। वैसे मंडी समिति टंकियों की सफाई करवाती है। मामले में किसी कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
जवाहरलाल नागर, मंडी सचिव बारां
Published on:
03 Jun 2017 10:07 am
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