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सरकारी स्कूल की टंकी में डाला अवधिपार कीटनाशक, 12 बच्चों की तबीयत बिगड़ी

कस्बे में अभी कुछ दिन पहले दिल दहला देने वाली घटना को लोग अभी भूले भी नहीं थे कि 4 दिन बाद ही तूमड़ा में असामाजिक तत्वों ने बड़ी घटना को अंजाम देने की कोशिश की।

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बारां

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Mukesh Gaur

Apr 12, 2024

सरकारी स्कूल की टंकी में डाला अवधिपार कीटनाशक, 12 बच्चों की तबीयत बिगड़ी

सरकारी स्कूल की टंकी में डाला अवधिपार कीटनाशक, 12 बच्चों की तबीयत बिगड़ी

बामला. कस्बे में अभी कुछ दिन पहले दिल दहला देने वाली घटना को लोग अभी भूले भी नहीं थे कि 4 दिन बाद ही तूमड़ा में असामाजिक तत्वों ने बड़ी घटना को अंजाम देने की कोशिश की। समय रहते हादसा टल गया। दरअसल, घटना का पता शुक्रवार सुबह चला। तब तक कीब 12 बच्चे इस पानी को पी चुके थे। चक्कर आने की शिकायत पर सभी का मौके पर ही उपचार किया गया। टंकी का पानी दुर्गंधयुक्त था। पानी का रंग भी दूधिया हो गया था। पुलिस और मेडिकल टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की और पानी के नमूने लिए हैं। इन्हें जांच के लिए भिजवाया गया है।
ऐसे पता चला
विद्यालय में 68 बच्चों का नामांकन हे। सुबह 10 बजे एक बच्चा टंकी से पानी पीने गया था। पानी पीने के बाद उसे बदबू महसूस हुई और हल्के चक्कर भी आए। ऐसे में 12 बच्चों पर इसका असर हो चुका था। प्रभावित सभी बच्चों नमक का पानी पिलाया गया और दो घंटे तक निगरानी में रखा। जांच में मौके पर एक खुला हुआ कीटनाशक का पाउच मिला। वहींं 2 पाउच पैक भी मौके पर पड़े थे। सभी अवधिपार थे। साथ ही मौके पर शराब के क्वार्टर भी मिले हैं। फूड इंस्पेक्टर को इसकी सूचना दी गई, लेकिन वह मौके पर नहीं पहुंच सके। इसके बाद पुलिस ने ही नमूने लिए।
यह है मामला
विद्यालय के प्रधानाध्यापक मुकेश कुमार नागर ने बताया कि मंगलवार को दो दिन पहले टंकी की सफाई की थी। उसके बाद दो दिन की छुट्टियां आ गई। शुक्रवार को विद्यालय खुला और विद्यार्थी आए। जब वे दूध पीने के लिए ग्लास को साफ करने गए और पानी पीने लगे तो उसमें से अजीब बदबू आ रही थी। सफेद पानी जैसा कुछ गिलास में आने लगा। इसकी सूचना विद्यार्थियों ने अध्यापकों को दी। जब अध्यापकों ने टंकी का ढक्कन खोल कर देखा तो उसमें पानी सफेद दिख रहा था। ऐसा कीटनाशक डालने के कारण हुआ था। जब ग्रामीणों को इसका पता चला तो बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के अभिभावक और ग्रामीण विद्यालय पहुंचे। इसकी सूचना सदर थाना पुलिस को दी गई। इस पर सदर थाना प्रभारी छुट्टनलाल मीणा और धौलाकुआं चौकी प्रभारी मय जाप्ते के साथ घटनास्थल पहुंचे और जांच की।
मेडिकल टीम भी पहुंची
मेडिकल टीम चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय मीणा के नेतृत्व में पहुंंची। जब उन्होंने परीक्षण किया और देखा कि जहरीली होने के साथ साथ ये दवा अवधिपार भी थी। यह एक बड़ी घटना का कारण बन सकती थी। इस मौके पर सरपंच देवराज नट भी मौके पर ही थे। ग्रामीणों ने इसके पीछे किसी रंजिश या साजिश की आशंका जताई है।
& फिलहाल पानी का नमूना ले लिया है। विद्यालय के प्रधानाध्यापक मुकेश नागर ने इसका मुकदमा दर्ज करवाया है। दोषियों का पता लगाकर उनके खिलाफ जांच कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
छुट्टनलाल मीणा,
सदर थाना अधिकारी, बारां
& सेम्पल को ब्लॉक पर भेजकर इसकी जांच की जाएगी। हालांकि चिकित्सक ने बच्चों को मौके पर ही उपचार मुहैया कराया है। प्राथमिक जांच में यह दवा एंटीफंगल बताई गई है।
अजय मीणा,
मेडिकल चिकित्सा अधिकारी