
जन्माष्टमी से जुड़ी मान्यताओं के चलते इन दिनोंं बाजार में खीरा ककड़ी और ककोड़ा की बेहद मांग है। इसके चलते बाजारों में लोग बड़ी मात्रा में इसकी खरीदारी कर रहे हैं। पूरे साल के सिर्फ इसी महीने मिलने वाली इस खास सब्जी के ठेले गांव-कस्बों और शहरों में इन दिनों देखे जा सकते हैं।
कृष्ण जन्म से जोड़े जाने पर बाजार में मांग बढ़ी, 60 से 80 रुपए किलो के भाव मिल रहा
Happy Janmashtmi : किशनगंज. जन्माष्टमी से जुड़ी मान्यताओं के चलते इन दिनोंं बाजार में खीरा ककड़ी और ककोड़ा की बेहद मांग है। इसके चलते बाजारों में लोग बड़ी मात्रा में इसकी खरीदारी कर रहे हैं। पूरे साल के सिर्फ इसी महीने मिलने वाली इस खास सब्जी के ठेले गांव-कस्बों और शहरों में इन दिनों देखे जा सकते हैं।
यह है मान्यता
मान्यता के अनुसार कृष्ण जन्माष्टमी भाद्रपद महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि आज के दिन मनाई जाएगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान श्री कृष्ण का जन्म आज भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रोहिणी नक्षत्र में अद्र्धरात्रि को मथुरा में हुआ था। इसी के निमित्त खीरा ककड़ी (कुकुमिस सैटाइवस) व ककोडा जिसको वैज्ञानिक भाषा में मोमोर्दिका भी कहा जाता है, ये विशेष स्थान रखते हैं।
कहा जाता है कि जिस प्रकार जन्म के समय गर्भनाल काटकर शिशु को गर्भ से अलग किया जाता है, उसी प्रकार श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के अवसर पर खीरे के तने को काटकर कान्हा का जन्म कराने की परंपरा है।दरअसल, इस दिन खीरे को श्री कृष्ण के अपनी मां देवकी से अलग होने के प्रतीक के तौर पर देखा जाता है। कई जगहों पर जन्माष्टमी पर खीरा काटने की प्रक्रिया को नालछेदन के नाम से भी जाना जाता है। विज्ञान के अनुसार पेट की गड़बड़ी तथा कब्ज में भी खीरा को औषधि के रूप में प्रयोग किया जाता है। खीरा में अधिक फाइबर होता है।
क्यों खास है ककोड़ा
संभाग में इस सब्जी को गुणकारी तो माना जाता ही है, साथ ही धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह आज के दिन श्रीकृष्ण के जन्म को भी प्रदर्शित करती है। कहा जाता है कि इस सब्जी को खाने के बाद माता यशोदा ने श्रीकृष्ण को जन्म दिया था। भारत में प्राचीनकाल से विज्ञान को समझा गया है। इसी आधार पर गर्भावस्था के दौरान होने वाली समस्याओं में तंत्रिका ट््यूब दोष भी शामिल है। ककोड़ा में विटामिन बी-सी की अच्छी मात्रा होती है, जो कोशिका विकास और प्रजनन के लिए महत्वपूर्ण होते हैं। इसके नियमित सेवन से तंत्रिका दोष का प्रभाव कम होता है। ककोड़ा लो-कैलोरी सब्जी है। इसके खाने से वजन तेजी से कम होता है। ककोड़ा की सब्जी खाने से कब्ज और अपच जैसी समस्या भी दूर हो सकती है। ककोड़ा का सेवन डायबिटीज के लिए फायदेमंद हो सकता है, क्योंकि इसमें एंटीडायबिटिक प्रॉपर्टीज होते हैं। इससे भरपूर एनर्जी मिलती है। यह करेला की प्रजाति मानी जाती है।
Published on:
26 Aug 2024 12:09 am

बड़ी खबरें
View Allबारां
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
