
सनातन मान्यताओं के अनुसार जो लोग रोग से मुक्ति पाना चाहने हैं वे फागुन में भगवान शिव की पूजा करेंगे। आर्थिक स्थिति ठीक करने के लिए इस माह मां लक्ष्मी की पूजा भी की जाएगी।
बारां. रोगमुक्ति का महीना फागुन आरभ हो गया है। सनातन मान्यताओं के अनुसार जो लोग रोग से मुक्ति पाना चाहने हैं वे फागुन में भगवान शिव की पूजा करेंगे। आर्थिक स्थिति ठीक करने के लिए इस माह मां लक्ष्मी की पूजा भी की जाएगी। मान्यतानुसार चंद्रमा का जन्म इसी माह हुआ था। कुंडली में चंद्र दोष दूर करने के लिए महीने भर भक्त चंद्रदेव की आराधना करेंगे। आयुर्वेद में फाल्गुन मास को रोग मुक्ति का महीना बताया गया है। मौसम परिवर्तन में बीमारियों से बचने इस महीने खान-पान में छोटे-छोटे बदलाव किए जाएंगे।
संयम रखने से हो सकती है रोगमुक्ति
वैद्य राधेश्याम गर्ग बताते हैं कि इस माह खानपान में थोड़ा संयम व बदलाव कर रोगों से मुक्ति पाई जा सकती है। आयुर्वेद को मानने वाले लोग शीतल जल से ही स्नान करेंगे। अनाज के बजाए फल अधिक खाएंगे। हल्के रंग के व सूती वस्त्र पहनेंगे।
शिवजी को श्वेत चंदन
ज्योतिषाचार्य जनार्दन शुक्ला बताते हैं कि धर्म ग्रंथों में फागुन को बीमारियों से छुटकारा पाने का महीना माना जाता है। भक्त स्वास्थ्य लाभ के लिए भोले शंकर को सफेद चंदन अर्पित करेंगे। चंद्रदेव का पूजन करेंगे। पूर्णिमा पर देवताओं को अबीर और गुलाल अर्पित करेंगे।
दान का महत्व
विद्वानों के अनुसार इस महीने में अपनी क्षमता के अनुसार गरीबों को दान और पितरों के निमित्त तर्पण जरूर करना चाहिए। शुद्ध घी, तेल, सरसों का तेल, मौसमी फल आदि का दान अत्यंत ही फल प्रदान करने वाला माना गया है।
प्रमुख व्रत, पर्व
16 फरवरी : द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी
18 फरवरी : यशोदा जयंती
20 फरवरी : कालाष्टमी व्रत
24 फरवरी : विजया एकादशी
26 फरवरी : महाशिवरात्रि
01 मार्च : रामकृष्ण परमहंस जयंती
03 मार्च : विनायक चतुर्थी
07 मार्च : होलाष्टक का प्रारभ
10 मार्च : आमलकी एकादशी
13 मार्च : होलिका दहन
14 मार्च : होली, चैतन्य महाप्रभु जयंती
Published on:
15 Feb 2025 12:05 pm
बड़ी खबरें
View Allबारां
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
