
जब जिला कलक्टर तक यह बात पहुंची तब पता चला कि तहसील के तौर पर हजारों किसानों के डाटा ही अपलोड नहीं किए गए हैं। तब जाकर जिला प्रशासन हरकत में आया और शुक्रवार को इसके लिए फिर से आदेश जारी किए गए।
फसल खराबा 2022 : सरकार ने धरतीपुत्रों का मुआवजा देरी से भेजा, कई का हो गया नुकसान, कलेक्टर ने राजकार्य में लापरवाही मान दोबारा दिए निर्देश
Farmer News : मांगरोल. जिले के धरतीपुत्रों को प्राकतिक आपदा के चलते हुए फसल खराबे का मुआवजा देर सबेर सरकार ने जारी किया तो तहसील स्तर पर काम करने वाले सरकारी कर्मचारियों, अधिकारियों की पोल खुलती नजर आई। एक सप्ताह पहले काश्तकारों के खाते में मुआवजे की राशि आने लगी तो वंचित रहे खातेदार तहसील के चक्कर काटने लगे। वहां से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।जब जिला कलक्टर तक यह बात पहुंची तब पता चला कि तहसील के तौर पर हजारों किसानों के डाटा ही अपलोड नहीं किए गए हैं। तब जाकर जिला प्रशासन हरकत में आया और शुक्रवार को इसके लिए फिर से आदेश जारी किए गए।
इस मामले में भारतीय किसान संघ के प्रांतीय अध्यक्ष शंकरलाल नागर, प्रांत विपणन प्रमुख घनश्याम मीणा, जिलाध्यक्ष अमृत छजावा व जिला मंत्री देवकिशन नागर, संभाग मंत्री भूपेन्द्र शर्मा व जिला उपाध्यक्ष बंशीलाल नागर ने 2022 के फसल खराबे की राशि जारी करने की मांग की थी।
यह है मामला
वर्ष 2022 में फसल खराबे की किसान मांग करते आ रहे थे। 2024 अगस्त में सरकार ने जिले के किसानों के लिए 98 करोड़ रु जारी कर दिए। इधर तहसील स्तर पर जिले की आठ तहसीलों से डाटा अपलोड नहीं किए ऐसे में हजारों किसानों को यह राशि नहीं मिली। जिला कलक्टर ने डेढ़ माह पहले 10 जुलाई को तहसीलदारों को व्यक्तिश: ध्यान देकर पोर्टल पर अपलोड से शेष रहे किसानों की सूची तीन दिन में भेजने के निर्देश दिए थे। लेकिन फिर भी डाटा अपलोड कर नहीं भेजे गए। ऐसे में किसानों को मुआवजा नहीं मिल पाया। अब 23 अगस्त को जिला कलेक्टर ने दोबारा तहसीलदारों को एक माह से ज्यादा समय निकलने के बाद भी डाटा अपलोड नहीं करने को राजकार्य के प्रति लापरवाही व उदासीनता मानते हुए 7 दिन में पोर्टल पर शेष काश्तकारों के डाटा उपलब्ध कराने के निर्देश के साथ न भेजने पर अनुशासनात्मक कार्यवाई करने की चेतावनी से अवगत करा दिया है। जिला कलक्टर ने कहा है कि शेष किसानों की निर्धारित प्रपत्र में सूची तैयार कर सात दिवस में भिजवाएं। यदि नियत तिथि तक शेष किसानों की सूची अप्राप्त रहती हैं तो संबंधित अधिकारी पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
यह है आंकड़े
बारां जिले में 377014 किसानों को मुआवजे के लिए सूचीबद्ध किया गया। इसमें से 146651 काश्तकारों का ही डाटा अपलोड किया गया है। शेष 230363 किसानों को 2022 के फसल खराबे की राशि नहीं मिल पाई है।
तहसीलों का हाल
इतनों को ही मिल सका
बारां के 38450 में से 22780
अंता के 34104 में से 16570
मांगरोल तहसील के 37390
छबड़ा के 50484 में से 37277
छीपाबड़ौद के 73870 में 25234
अटरू तहसील के 36274 में से 16546
शाहबाद 38380 में से 19552
किशनगंज तहसील के 59062 में से 44925 खातेदार
जिले में 230363 खातेदार मुआवजे की राशि नहीं पा सके हैं।
Updated on:
27 Aug 2024 02:47 pm
Published on:
27 Aug 2024 11:27 am
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