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ऑनलाइन फिडिंग नहीं तो रुकेगी वेतन वृद्धि !

बीकानेर निदेशालय से प्रत्येक जिले का शैक्षणिक, भौतिक संसाधन सहित अन्य बातों पर मूल्यांकन होता है। यह मूल्यांकन प्रत्येक माह होता है। इसको लेकर प्रधाना

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baran

Online filling will not stop increment

बारां. शाला दर्पण पोर्टल पर ऑनलाइन फिडिंग पर ध्यान नहीं देने वाले प्रधानाचार्यों की खैर नहीं है। ऑन लाइन फिडिंग नहीं करने वाले प्रधानाचार्यों पर शिक्षा विभाग माध्यमिक कार्रवाई करेगा। उनकी वेतन वृद्धि तक रोकी जा सकती है।
बीकानेर निदेशालय से प्रत्येक जिले का शैक्षणिक, भौतिक संसाधन सहित अन्य बातों पर मूल्यांकन होता है। यह मूल्यांकन प्रत्येक माह होता है। इसको लेकर प्रधानाचार्यों को प्रत्येक माह निर्धारित बिन्दुओं पर ऑन लाइन फिडिंग करनी होती है लेकिन बारां जिले के माध्यमिक शिक्षा के अधीन 277 सरकारी स्कूलों में से कुछ स्कूलों को छोड़कर बाकी का शाला दर्पण पोर्टल पर ऑन लाइन फिडिंग में ध्यान नहीं है। स्कूलों के प्रधानाचार्य फिडिंग करते ही नहीं है। यदि करते हैं तो कुछ स्कूल ही करते हैं, जिससे प्रदेश में जिले की स्थिति गिरती जा रही है। इस संबंध में हाल ही में शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने प्रधानचार्यों की बैठक भी ली थी। साथ ही उन्हें ऑन लाइन फिडिंग को गंभीरता से लेने के लिए कहा था।
एक ने भी नहीं की फिडिंग
सरकारी स्कूलों में प्रतिमाह पैरेंट टीचर मीटिंग करने का नियम है। इसके तहत जिले के सभी स्कूलों में बैठकें भी होती हैं लेकिन नवंबर माह की रिर्पाट में एक स्कूल ने भी ऑन लाइन फिडिंग नहीं की, जिससे जिले को 10 में से एक भी नंबर नहीं मिला। इसी तरह से खेल मैदानों की स्थिति की फिडिंग भी सभी स्कूलों ने नहीं की। 277 स्कूलों में से मात्र 23 स्कूलों ने ही ऑन लाइन फिडिंग की है। कक्षा कक्षों की स्थिति भी 277 में से मात्र 57 स्कूलों ने ही दर्शाइ है।
स्वच्छ पानी की उपलब्धता नहीं बताई
जिले के सभी स्कूलों में पानी की उपलब्धता है। अधिकारियों का कहना है कि कई जगह नल लगे हैं तो कही हैंडपंप या ट्यूबवेल से काम चलाया जा रहा है लेकिन शाला दर्पण पोर्टल पर मात्र 191 स्कूलों ने ही स्वच्छ पानी की उपलब्धता गिनाई है। स्कूलों में शौचालय भी बने हुए हैं लेकिन शौचालयों की स्थिति की सभी स्कूलों ने ऑनलाइन फिडिंंग नहीं की है। रमसा के अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक भागीरथ मीणा ने बताया कि शाला दर्पण पोर्टल पर ऑन लाइन फिडिंग करना आवश्यक है लेकिन ज्यादातर प्रधानाचार्यों का फिडिंग करने में ध्यान ही नहीं है। उन्हें वर्तमान में चेतावनी भी दी है लेकिन प्रधानाचार्यों ने गंभीरता नहीं दिखाई तो कार्रवाई की जाएगी।