22 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

नदी के पत्थर तोड़ कर रहे अवैध कमाई, सरकार को लग रही चपत

खनन माफिया ने पहाड़ों की चोरी-छिपे खुदाई के बाद अब नदियों को अपना निशाना बनाना शुरू कर दिया

less than 1 minute read
Google source verification

बारां

image

Mukesh Gaur

Dec 30, 2024

खनन माफिया ने पहाड़ों की चोरी-छिपे खुदाई के बाद अब नदियों को अपना निशाना बनाना शुरू कर दिया

खनन माफिया ने पहाड़ों की चोरी-छिपे खुदाई के बाद अब नदियों को अपना निशाना बनाना शुरू कर दिया

गऊघाट . खनन माफिया ने पहाड़ों की चोरी-छिपे खुदाई के बाद अब नदियों को अपना निशाना बनाना शुरू कर दिया है। अब हालत यह है कि परवन नदी का पानी घटते ही ये माफिया बाहर दिख रहे चट्टानों पर चोट कर पत्थर और बोल्डर निकाल रहे हैं। इन पत्थरों और बड़े बोल्डर को ये माफिया क्रशर और अन्य पत्थर कारोबारियों को बेच लाखों की कमाई कर रहे हैं।

न तो इस ओर किसी का आसानी ध्यान जा रहा और न ही कोई कार्रवाई ही हो रही। लगातार अवैध पत्थर उत्खनन का धंधा बेखौफ जारी है। अवैध पत्थर के धंधे से जुड़े कारोबारी पहाड़ों के साथ नदियों से पत्थर बोल्डर को एकत्र कर आस पास के गावों कस्बों में परिवहन करके लाखों रुपए की कमाई करने में जुट हैं। इससे सरकार को हर मीने लाखों का राजस्व घाटा लग रहा है।

जानकारी के अनुसार परवन नदी में बलदेवपुरा आरण्यखेड़ा गोरडी गावों के पास पत्थर माफिया गांव के कुछ मजदूरों से नदी के बीच से पत्थर बोल्डर निकलवाने का कार्य किया जा रहा है। हालांकि नदी में पानी के बहाव अधिक होने से कुछ दिनों तक नदी से पत्थर बोल्डर निकालने के कार्य को बंद रखा जाता है। लेकिन नदी में पानी घटते ही पत्थर निकालने का काम शुरू हो जाता है। पत्थर बोल्डर को नदी किनारे एकत्र कर ट्रैक्टर के सहारे में आस पास के गांवों कस्बों में आसानी से पहुंचाया जाता है। कुछ लोगों द्वारा नदी से अवैध पत्थर बोल्डर निकालने का कार्य काफी दिनों से चल रहा है। नदी की तरफ किसी का आनाजाना नहीं रहने के कारण पत्थर माफिया मजदूरों को मामूली मजदूरी देकर नदी से पत्थर एकत्र कराने का कार्य करते हैं। लेकिन आज तक कोई कार्यवाही नहीं हो पाई।