किसानों के एक प्रतिनिधि मंडल ने मंगलवार को यहां मिनी सचिवालय पहुंच जिला कलक्टर व परियोजना से जुड़े अधिकारियों से वार्ता की।
बारां . परवन वृहद सिंचाई परियोजना से प्रभावित डूब क्षेत्र के किसानों के एक प्रतिनिधि मंडल ने मंगलवार को यहां मिनी सचिवालय पहुंच जिला कलक्टर व परियोजना से जुड़े अधिकारियों से वार्ता की। उन्होंने झालावाड़ के बराबर मुआवजा दिलाने समेत विभिन्न मांगों को लेकर जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा। वार्ता में जिला कलक्टर ने सरकार की ओर से ग्रामीणों के हित में सकारात्मक सोच के साथ कार्य करने का आश्वासन दिया। जिस पर ग्रामीणों ने संतोष व्यक्त किया। इससे पूर्व किसानों व ग्रामीणों ने कुछ देर नारेबाजी कर विरोध प्रदर्शन भी किया।
किसानों का कहना था कि जिले के किसानों को भी झालावाड़ जिले के किसानों के बराबर मुआवजा दिया जाए। पुनर्वास कार्य पूर्ण होने से पहले तथा डूब क्षेत्र के सभी किसानों को मुआवजा वितरण से पहले परियोजना कार्य को गति नहीं दी जाए। चेक की त्रुटियों का शिविर लगाकर निस्तारण किया जाए। डूब क्षेत्र के किसानों को रोजगार दिया जाए। सर्वे में हुई त्रुटियों को सही किया जाए। आंशिक डूब में आ रही भूमि तथा शेष भूमि के रास्ता पानी भराव से बंद हो गया, उक्त भूमि को भी डूब में मानते हुए मुआवजा दिलाया जाए। वार्ता में छीपाबड़ौद एसडीओ हीरालाल वर्मा, परियोजना के एक्सईएन एमके गुप्ता व एक अन्य एक्सईएन मौजूद थे।
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नुकसान नहीं होने देंग
ेवार्ता के दौरान जिला कलक्टर ने कहा कि सरकार व प्रशासन की ओर से किसी किसान का नुकसान नहीं होने देंगे। उन्होंने प्रभावित किसानों की डूब क्षेत्र से सटे टुकड़े, पत्थरों की कोट वाले शेष भूमि के टुकड़े, फलदार पेड़ आदि के लिए अलग से सर्वे कर प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विस्थापित किए जा रहे परिवारों के प्रत्येक व्यक्ति को एक इकाई मानते हुए प्रति व्यक्ति करीब पौने सात लाख का मुआवजा, एक प्लाट दिया जा रहा है। एक परिवार में 15 सदस्य होने पर करीब 95 लाख का भुगतान किया गया है। इसके अलावा उनके लिए अलग से शिक्षा, चिकित्सा, विद्युत, पेयजल आंगनबाड़ी केन्द्र आदि खोले जा रहे हैं।