
कस्बे में प्रभात समय पर होली के पर्व की शुरुआत के लिए काला गोरा के स्वांग को चारभुजा नाथ मंदिर से रवाना किया गया, इसके तुरंत बाद ही होली खेलने का सिलसिला शुरू हुआ जो दिनभर चलता रहा।
होली के रंग में रंगा सर्व समाज, हैरतअंगेज स्वांग, झाकियों को देख हुए चकित
किशनगंज. 139वें फूलडोल लोकोत्सव का आगाज शुक्रवार को हुआ। इसमें स्वांग, झांकियों में लोक कला, संस्कृति, परंपरा के रंग दिखाई दिए। इसको देखने के लिए हजारों की संख्या लोग किशनगंज पहुंचे। कस्बे में प्रभात समय पर होली के पर्व की शुरुआत के लिए काला गोरा के स्वांग को चारभुजा नाथ मंदिर से रवाना किया गया, इसके तुरंत बाद ही होली खेलने का सिलसिला शुरू हुआ जो दिनभर चलता रहा।
स्वांग-झांकियों ने मोहा
दोपहर के चलत स्वांगों की शुरुआत के लिए बाबा की जमात कस्बे के प्रमुख मार्गों में निकाली गई। तत्पश्यात स्वांगों का दौर शुरू हुआ। इसमें प्रमुख स्वांगों में गिद्ध रावण युद्ध, बांडा-बांडी का स्वांग, ढोला मारु, चारभुजा नाथ की झाकी, शेषनाग का स्वांग, टॉलीवुड में फिल्माई गई पुष्पा 2 पिक्चर की थीम पर मां काली का स्वांग आदि हैरतअंगेज स्वांग देख कर लोग चकित हो गए।
घरों के बाहर जमघट
दिन के स्वांगों को देखने के लिए हर घर के बाहर लोगों का जमावड़ा था। दिन के ढलते ही संपूर्ण कस्बे में रंग बिरंगी लाइटों से माहौल अलग ही हो गए। लोकोत्सव के दौरान शोभा यात्रा का उद्घाटन कटारिया चौक में आयोजित किया गया। इस दौरान कार्यक्रम के मुख्य अतिथि क्षेत्रीय विधायक ललित मीणा रह। कार्यक्रम की अध्यक्षता मनोज चौधरी ने की। अध्यक्षता कर रहे पूर्व प्रधान मनोज चौधरी ने बताया कि इस अनूठी लोकोत्सव में लोक कला, संस्कृति, परंपरा की झलक देखने को मिलती है। इसको बरकरार बनाए रखने के लिए लोगों को एकता के सूत्र से परिचित करवाया गया। किशनगंज के फूलडोल महोत्सव स्थानीय स्तर के कलाकार व ग्रामीण वर्षों से इस परंपरा को निभाते हुए आ रहे हैं, इस एकता को देखकर मंच पर बैठे सभी अतिथियों ने कस्बे की एकता को बहुत सराहा।
पूजा-अर्चना से शुभारंभ
शास्त्रीय संगीतकार नवल किशोर द्वारा बिना मात्रा की गणेश वंदना का गान किया। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि बाबा बालक दास, कार्यवाहक उपखंड अधिकारी अभयराज ङ्क्षसह, अल्पसंख्यक मोर्चा राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य डॉ मजीद मलिक, प्रशासक राधा किशन मीणा, नाथूलाल नागर, अनंत सक्सेना, फूलडोल आयोजन समिति के अध्यक्ष टीकमचंद कल्याणपुरिया मंचासीन रहे। फूलडोल आयोजन समिति के सदस्यों ने अतिथियों को 11 किलो की पुष्प माला पहनाकर स्वागत किया। स्वागत की बेला में दीपक चौधरी, सी.पी. चौधरी, आदित्य पालीवाल, हेमराज नागर, रोहित चौधरी, पवन नागर, संदीप नागर ने अतिथियों का स्वागत किया। सभी अतिथियों द्वारा गणेश महाराज की झांकी की पूजा अर्चना कर फूलडोल के विशेष कार्यक्रम झांकियों का शुभारंभ किया। दिन के स्वांग की संख्या संख्या 47 व झाकियों की संख्या 27 रही।
झांकियों की कतार
झांकियों की कतार के अंत में कृत्रिम हाथी पर विराजमान श्री चारभुजा नाथ भगवान की कस्बे में जगह-जगह पूजा-अर्चना की गई। पुष्प व गुलाल से होली खेली, इसमें मंदिर महंत गुरुदास वैष्णव भी साथ रहे। संगीतकारों ने शास्त्रीय राग में होली गायन किया। झाकियों व भगवान के साथ होली खेलने का दौर पूरी रात अनवरत जारी रहा। अंत में भगवान चारभुजा नाथ होली खेलने के लिए अपने ससुराल स्वर्गीय विपुल बिहारी सक्सेना के यहां पहुंचे। यहां भगवान ने अपने ससुराल के लोगों के साथ होली महोत्सव मनाया। अध्यक्ष टीकमचंद कल्याणपुरिया ने बताया कि फूलडोल लोकोत्सव की इस बेला में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की दौड़ 21 मार्च तक मेले के साथ बस स्टैंड पर स्थित उप्रावि प्रांगण में अनवरत चलेगी।
Published on:
16 Mar 2025 11:43 am
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