
वन विभाग ने वन भूमि पर खड़ी अतिक्रमी की फसल को शनिवार को कार्यवाही कर नष्ट कर दिया तथा वन भूमि पर जेसीबी से ट्रेंचे खोद दी। क्षेत्रीय वन अधिकारी दीपिका रेंजर के निर्देश पर वनपाल लक्ष्मीनारायण सहरिया के नेतृत्व में सिमलोद, किशनपुरा, नाहरगढ़ सहित जलवाड़ा नाका के वन कर्मियों ने फसल नष्ट की।
नाका अहमदी वनखंड में जमींदारा क्षेत्र में एक अतिक्रमी ने वन भूमि पर अतिक्रमण कर तिल्ली फसल की बुवाई कर रखी थी। फसल को ट्रेक्टर से नष्ट कराया। कार्यवाही के दौरान दो महिलाओं ने आकार विरोध भी किया। जिन्हे समझाईश कर वापस भेज दिया।
उल्लेखनीय हैं कि उक्त वन भूमि पर कब्जे को लेकर बिहारी बंजारा व बहादुर बंजारा में एक दशक से झगड़ा चल रहा हैं। दोनों के परिवारों में कई बार गंभीर झगड़े भी हो चुके हैं। पुलिस में भी प्रकरण दर्ज हैं। वन विभाग उक्त भूमि पर 3 बार जेसीबी से खाई ट्रेंचे खुदवा चुका हैं। एक बार फसल भी जब्त कर नीलाम कर चुका हैं।
वन प्रेमियों का कहना हैं कि विभाग को नई पुरानी का राग अलापना छोड़ कर अतिक्रमियों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही करना चाहिए और वन भूमि पर क्लोजर लगवाएं तब ही वन भूमि अतिक्रमियों के कब्जे से मुक्त हो सकेगी।
जहां एक ओर वन विभाग दावा करता हैं कि नई वन भूमि पर अतिक्रमण नहीं होने देंगे। पुरानी को रोकेंगे नहीं। जबकि इस वर्ष बारिश में अतिक्रमियों ने करीब 126 बीघा वन भूमि के सैंकड़ो पेड़, पौधे नष्ट कर कब्ज़ा कर लिया। 70 बीघा बालापुरा क्लोजर में उड़द व 10 बीघा नया गांव में कुर्क फार्म हॉउस में धान की फसल लहलहा रही हैं। हरिपुरा वॉच टॉवर के निकट करीब 40 बीघा वन भूमि पर पेड़, पौधे काट कर वन भूमि की हकाई कर दी हैं।
Published on:
22 Sept 2024 03:13 pm
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